एमएसआरटीसी की नई पहल: सार्वजनिक परिवहन में आधुनिकता और पारदर्शिता
महाराष्ट्र राज्य रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एमएसआरटीसी) ने राज्य भर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने, यात्री सुविधा में सुधार करने और सेवा वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। ये सभी घोषणाएं मुंबई स्थित एमएसआरटीसी मुख्यालय में परिवहन मंत्री एवं एमएसआरटीसी अध्यक्ष प्रताप सर्वेणिक द्वारा की गईं।1. 1 अगस्त से यात्रा छूट के लिए एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड अनिवार्य
1 अगस्त से एमएसआरटीसी बसों में यात्रा करने वाले छूट के लाभार्थियों को राष्ट्रीय कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) का उपयोग करना आवश्यक होगा। किसे कार्ड की आवश्यकता होगी?- यह नियम प्रथम चरण में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और अमृत वरिष्ठ नागरिक योजना के लाभार्थियों पर लागू होगा।
2. 51 लाख से अधिक पंजीकरण पूर्ण
महाराष्ट्र में एनसीएमसी कार्ड का व्यापक पंजीकरण हो चुका है।- 51 लाख से अधिक यात्री पंजीकृत हुए हैं।
- लगभग 25 लाख कार्ड सक्रिय किए गए हैं।
- राज्यभर में 4,000 से अधिक वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
3. एक राष्ट्र, एक कार्ड: एनसीएमसी के बहुमुखी उपयोग
एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड “एक राष्ट्र, एक कार्ड” पहल के तहत लागू किया गया है। इस कार्ड से यात्री एमएसआरटीसी बसों, रेलवे सेवा, मेट्रो नेटवर्क, टोल भुगतान और डिजिटल लेनदेन कर सकेंगे। यह कार्ड आधार, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी और सरल पहचान नंबर जैसे पहचान दस्तावेजों से जुड़ा होगा।4. महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी नीति जल्द स्वागत
अगले सप्ताह राज्य सरकार अपनी बाइक टैक्सी एग्रीगेटर नीति जारी करने जा रही है, जो ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं को विनियमित करेगी, अंतिम मील कनेक्टिविटी सुधारेगी तथा लाइसेंसिंग और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करेगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी सेवा के विस्तार के लिए कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक होगी। यह घोषणा राज्य में बाइक टैक्सी संचालनों को लेकर चल रहे कानूनी विवादों के बीच आई है। साइबर विभाग ने ओला, उबर और रैपिडो सहित कई ऐप्स पर हटाने का नोटिस जारी किया था, जिसे बाद में कुछ समय में स्थगित कर दिया गया। कुछ प्लेटफॉर्म्स ने चालकों को जुर्माने के खिलाफ मदद दी, जिससे प्रवर्तन प्रभावित हुआ।5. एमएसआरटीसी द्वारा इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार
एमएसआरटीसी ने अपनी फ्लीट आधुनिकीकरण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए इलेक्ट्रिक और वातानुकूलित बसों के विस्तार की योजना बनाई है। लंबी अवधि का लक्ष्य: 2035 तक पूरी फ्लीट को इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित करना।- पहले चरण में 2,640 बसें चालू की गई हैं।
- अगले चरण में 3,000 बसों की डिलीवरी चल रही है।
- दीवाली से पहले शेष बसें मिलने की उम्मीद है।
- भविष्य में 5,000 और बसें शामिल करने की योजना है।

