सुप्रीम कोर्ट की ओर से लावारिस कुत्तों को डॉग शेल्टर भेजे जाने के आदेश के बाद नोएडा प्राधिकरण भी मामले में कवायद शुरू करने को तैयार है। हालांकि अधिकारियों की ओर से आदेश के अध्ययन के बाद कार्ययोजना बनाने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि आदेश के अनुसार नियमावली तैयार कराई जाएगी साथ ही जरूरत के मुताबिक नए डॉग शेल्टर भी बनाए जाएंगे।
कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण कार्यालय में आदेश को अंजाम देने के लिए कवायद शुरू करने की तैयारी है। हालांकि अभी प्राधिकरण के पास शहर में लावारिस कुत्तों का आंकड़ा नहीं है। ऐसे में यह अंदाज लगाना मुश्किल होगा कि कितने कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने होंगे। फिलहाल शहर के प्रत्येक सेक्टर में डॉग शेल्टर बनाने या सेंट्रलाइज्ड डॉग शेल्टर बनाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए किसी एजेंसी का चयन करना होगा जो कि लावारिस कुत्तों को पकड़ेगी। इस पर होने वाले खर्च का भी आकलन करना होगा। कोर्ट का आदेश है कि जिन संस्थाओं की ओर से इस काम में बाधा डाली जाए उनके खिलाफ एफआईआर आदि कराई जाए। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर ऐसी संस्थाओं पर जुर्माने आदि का भी प्रावधान किया जा सकता है।
सात महीने में 73 हजार को लावारिस कुत्तों ने काटा
जिला प्रशासन के आंकड़े के मुताबिक बीते सात महीने में गौतमबुद्ध नगर में करीब 73 हजार लोगों को लावारिस कुत्तों ने कटा है। इसमें जनवरी 2025 में 9383, फरवरी में 10175, मार्च में 11599, अप्रैल में 10925 और जून में 10646 और जुलाई में 10394 में लोगों को काटने के आंकड़े हैं।

