एनआईए ने 1996 कश्मीर दंगा मामले में छह अलगाववादी नेताओं के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में 1996 के दंगा और पुलिसकर्मियों पर बेतरतीब फायरिंग के मामले में छह अलगाववादी हुर्रियत सम्मेलन के नेताओं के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
आरोप पत्र में जिन व्यक्तियों को नामित किया गया है वे हैं: डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के प्रमुख शबीर अहमद शाह, तहरीक-ए-हुर्रियत नेता सय्यद अली शाह गिलानी, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के संस्थापक अब्दुल गनी लोण, जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता जाविद अहमद मीर, इस्लामिक स्टूडेंट्स लीग के अध्यक्ष शकील अहमद बख्शी तथा मोहम्मद याकूब Wakeel।
एनआईए ने बताया कि गिलानी, लोण और Wakeel के मामले में चल रही जांच के दौरान उनकी मौत हो जाने के कारण कार्रवाई स्थगित है, परंतु आरोप पत्र में इनके कथित आपराधिक साजिश और अवैध सभा में भूमिका को स्थापित किया गया है।
यह मामला अप्रैल 2026 में गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार जम्मू और कश्मीर पुलिस से एनआईए को सौंपा गया था।
शबीर अहमद शाह को 2017 के एक आतंक फाइनेंसिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के कुछ हफ्तों बाद गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में वे नई दिल्ली के तिहाड़ जेल में प्रवर्तन निदेशालय के एक अलग मामले में बंद हैं।
बाकी बचे दो आरोपियों मीर और बख्शी श्रीनगर में हैं।
एनआईए ने छहों आरोपियों पर रणबीर दंड संहिता की प्रावधानों के तहत आपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास, दंगागради एवं अन्य आपराधिक धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
इस मामले में आगे की जांच जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।