दहेज विरोधी जागरूकता अभियान से समाज में लाएंगे बदलाव की बयारNikki Murder Case: निक्की हत्याकांड ने पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया है, और इस क्रूर घटना के मद्देनजर दहेज की कुप्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया है। “दहेज एक अभिशाप निवारण समिति” के आवाहन पर श्री बालाजी फार्म हाउस में एक भावपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जहां समाज की बेटी निक्की को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दहेज के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया। संगठन की अध्यक्षा श्रीमती निर्मल डेढ़ा ने जोर देकर कहा कि हमें संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा के लिए एक सशक्त अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दहेज का यह दानव समाज में जिंदा है, तब तक किसी भी निक्की को बचाना असंभव होगा।
आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार आर्य ने श्रद्धांजलि देते हुए दहेज जैसी कुरीति को मिटाने के लिए कठोर कानूनी कदम उठाने की वकालत की। उन्होंने सुझाव दिया कि दहेज हत्या के मामलों में एक वर्ष के भीतर न्याय सुनिश्चित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। डॉ. आर्य ने जोर दिया कि आर्य समाज हमेशा संस्कार आधारित शिक्षा का समर्थन करता रहा है, और आज के आधुनिक समाज को इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे ताकि बेटियों की रक्षा हो सके। संगठन के संस्थापक सदस्य आर्य सागर खारी ने संचालन करते हुए कहा कि कथनी और करनी में समन्वय लाना समाज के जिम्मेदार लोगों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर में बहू को भी बेटी की तरह सम्मान देना होगा, तभी यह सोच बदलेगी।
राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान ने दहेज जैसी कुरीतियों पर चिंता जताई और कहा कि विदेशों में दहेज जैसी प्रथा का नामोनिशान नहीं है, इसलिए हमें आत्मनिर्भरता और जागरूकता पर जोर देना होगा। संस्थापक मास्टर मनमिंद्र भाटी ने संकल्प लिया कि निक्की जैसी किसी और बेटी को दहेज की भेंट न चढ़ने पाए, इसके लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें सभी समाज के लोग शामिल होंगे। इस अवसर पर दहेज एक अभिशाप निवारण समिति के राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र सिंह राठी, एडवोकेट सीमा, डॉ. रीना वर्मा, राजपाल कसाना, पंकज मावी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे।
श्रद्धांजलि सभा में निक्की के पिता भिखारी सिंह और उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। भिखारी सिंह ने भावुक होकर कहा कि वे यथाशीघ्र न्याय चाहते हैं, ताकि कोई अन्य बेटी इस तरह की क्रूरता का शिकार न बने। सभा में आर्य सागर खारी, राधाचरण भाटी, रेखा भाटी, चिंकू यादव, डॉ. मोहसिन, सुनील भाटी, गजेंद्र बसौया, देवेंद्र खटाना, प्रिंस भाटी, बाबूराम आर्य, महावीर सिंह आर्य, विजेंद्र सिंह, किशन लाल, रामप्रसाद सिंह सहित सैकड़ों लोग, विशेषकर युवा वर्ग, शामिल हुए। यह आयोजन समाज में बदलाव की नई उम्मीद जगा गया है।