नोएडा: नोएडा की डीएम मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें मेधा रूपम की सैलरी से 5 लाख रुपये काटकर छात्रा आकृति चौधरी को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था।
दरअसल, छात्रा और एक्टिविस्ट आकृति चौधरी को नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। छात्रा ने इस कार्रवाई को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने आकृति पर लगाए गए NSA को रद्द कर दिया था और मुआवजा देने का आदेश दिया था।
इस फैसले के खिलाफ नोएडा की डीएम मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।
अप्रैल में हुए मजदूर आंदोलन से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला अप्रैल में नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन से जुड़ा है। इस दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में छात्रा आकृति चौधरी को हिरासत में लिया गया था। उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई थी।
मेधा रूपम की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले कहा था कि अगर हिरासत में लेने का फैसला कई अधिकारियों की जांच और मंजूरी के बाद किया गया था, तो इसके लिए सिर्फ डीएम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
हाई कोर्ट ने NSA की कार्रवाई को गलत माना था
मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचने के बाद कोर्ट ने छात्रा पर NSA लगाए जाने को गलत माना था। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि छात्रा को हिरासत में लेने का आदेश बिना उचित विचार-विमर्श के जारी किया गया था।
हाई कोर्ट ने आकृति चौधरी को रिहा करने का भी आदेश दिया था। साथ ही, छात्रा को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह राशि डीएम मेधा रूपम और थाना प्रभारी समेत जिम्मेदार अधिकारियों की सैलरी से वसूलने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई की। बेंच ने आकृति चौधरी की NSA के तहत हिरासत रद्द करने और डीएम मेधा रूपम की आलोचना करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर भी रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने मेधा रूपम की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किया है। मामले में अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद गरमा गया था माहौल
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रयागराज, लखनऊ और नोएडा में इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई थी। इसके बाद नोएडा की डीएम मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
मेधा रूपम 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। नोएडा की डीएम बनने से पहले वह बरेली, मेरठ, हापुड़ और कासगंज में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

