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नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रवि काना और पंकज पाराशर समेत 23 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज

Report By : ICN Network

ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने संगठित अपराध में लिप्त स्क्रैप माफिया रवि काना और पोस्टल सेंटर संचालक पंकज पाराशर सहित 23 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इन सभी पर पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और इनमें से अधिकांश पहले से ही जेल में बंद हैं। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से जिले में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। मुख्य सरगना रवि काना अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को डरा-धमकाकर वसूली करता था। उसका नाम सुनते ही लोग खौफ में आ जाते थे, जिसका फायदा उठाकर आरोपितों ने कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दबाव बनाया और स्क्रैप के ठेके बेहद कम कीमत में उठाकर उन्हें ऊंचे दामों में बेचकर भारी मुनाफा कमाया। यही नहीं, गिरोह ने लोगों से जबरन वसूले गए कालेधन को बिल्डर देव शर्मा के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में लगाकर उसे वैध भी बनाया।

आरोप है कि पंकज पाराशर ने भी इस गिरोह की ओर से विरोध करने वालों के खिलाफ फर्जी न्यूज प्रसारित कर आर्थिक लाभ कमाया। गिरोह की दहशत का यह आलम था कि कोई भी व्यक्ति पुलिस के पास शिकायत लेकर जाने की हिम्मत नहीं करता था। हालांकि, पुलिस कार्रवाई के बाद अब कई पीड़ित सामने आए हैं और खुलकर जानकारी दे रहे हैं।

गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई जिन लोगों पर की गई है, उनमें रवि नागर उर्फ रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना (दनकौर निवासी), पंकज पाराशर (सेक्टर फाई-2), सूरज (बुलंदशहर), राजेंद्र सिंह (गामा-1), महकार सिंह (बीटा-2), फिरोज खान (जामिया नगर, नई दिल्ली), अवधेश सिसौदिया (डेल्टा-1), देव शर्मा (वैदपुरा), हरवीर सिंह, विवेक कुमार, बबिता, विकास नागर और अनिल उर्फ मिंटू नागर (सभी दादूपुर व पी-3 क्षेत्र से) शामिल हैं। इसके अलावा, शमशीर हसन (बाटला हाउस), पूनम (गामा-1), अवध उर्फ बिहारी, राजकुमार नागर, आजाद नागर (दादूपुर), तरुण छोंकर (गाजियाबाद), काजल झा (न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, नई दिल्ली), मधु नागर, महकी और विकास कुमार (पी-3/दादूपुर) के खिलाफ भी यही कार्रवाई की गई है।

पुलिस का दावा है कि यह गिरोह जिला स्तर पर संगठित अपराध का नेटवर्क चला रहा था, जिसे अब धीरे-धीरे ध्वस्त किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है और और भी खुलासे होने की संभावना है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)