Report By : Ankit Srivastav (Noida UP)
बीते गुरुवार को नोएडा से दिल्ली जाने वाली सड़कों पर जाम लगा था। चारों तरफ किसान ही किसान नजर आ रहे थे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यूपी पुलिस के जवान तैनात थे। किसानों जिद पर अड़े थे कि दिल्ली जाना है तो जाना है। सड़कों पर गाड़ियां रेंग रेंग कर चल रही थी। इस बीच किसान चिल्ला बॉर्डर पर आकर बैठ गए। यहां से सरकार को चुनौती देते हुए किसानों ने कहा कि “हमारे साथ कोई धोखा नहीं होना चाहिए, अगर होगा तो दिल्ली दूर नहीं है। हमारे बच्चे भी देश के विकास में भागीदार बने वो भी पढ़े लिखे। बता दें ये बात भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर ख़लीफ़ा ने कही है। सुखवीर ख़लीफ़ा ने स्पष्ट कहा कि पुलिस कमिश्नर के हाइलेवल कमेटी बनाने के आश्वासन पर ही हम दिल्ली लिंक रोड से हट रहे है।

हमारा धरना अब भी जारी है। ये सिर्फ एक झलक थी। यदि किसानों को हल्के में लेने या फिर से गुमराह करने की कोशिश की तो संसद भवन में बैठे तथाकथित किसान मसिहाओं से पूछा जाएगा की आप किसानों के कौन से नियम बना रहे हो किसान तो रोड पर बैठे हैं।
किसानों ने किया था संसद भवन घेरने का ऐलान
गौरतलब है कि कल यानी गुरुवार को किसानों ने मांगों को लेकर दिल्ली में संसद भवन का घिराव करने का ऐलान किया था। जिसके बाद गुरुवार को किसान लगभग 6 घंटे तक दिल्ली लिंक रोड पर बैठे रहे। हालांकि उन्हें दिल्ली बार्डर से 2 किमी पहले सेक्टर-18 फ्लाई ओवर के पास रोक दिया गया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद वे सड़क से हटे। जिस हाई लेवल कमेटी का गठन किया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर के साथ देर रात बैठक
वहीं दूसरी तरफ सूरजपुर मुख्यालय में देर रात तक किसानों और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों के बारे में विस्तार से बताया। लेकिन नतीजा नहीं निकला।

जानकारी देते हुए भारतीय किसान परिषद के मीडिया प्रभारी राजेंद्र ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के साथ हुई वार्ता विफल रही। अभी कोई कमेटी नहीं बनी है। इसे बनाया जाएगा इसके बाद कोई निर्णय होगा। हमने प्रशासन को 14 फरवरी का समय दिया है। धरना दोनों स्थानों पार जारी रहेगा।

