खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने रम और व्हिस्की के कृत्रिम स्वाद वाले उत्पादों की बिक्री बंद करने के निर्देश दिए
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पांच निर्माताओं को उनकी लोकप्रिय रम और व्हिस्की ड्रिंक्स बिक्री से रोक दिया है, क्योंकि वे नियामक नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। यह जानकारी स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को साझा की।
मंत्रालय ने बताया कि ये निर्माताओं ने उत्पाद के स्वाद और सुगंध विकसित करने के लिए परंपरागत सामग्री जैसे मोलासेस या माल्ट के परिपक्वन की बजाय कृत्रिम फ्लेवर्स का उपयोग किया था। यह प्रवृत्ति खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
मंत्रालय ने आगे कहा कि दो निर्माताओं की अपील के आधार पर “सशर्त निरस्तीकरण” जारी किया गया है। मौजूदा स्टॉक के लिए उन्हें पैक के फ्रंट पर उत्पाद की सच्ची प्रकृति प्रकट कर बिक्री की अनुमति दी गई है, लेकिन भविष्य में उत्पादन में समान कृत्रिम स्वाद जोड़ने पर स्पष्ट रोक लगाई गई है, जैसे कि रम फ्लेवर या व्हिस्की फ्लेवर।
यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे उत्पाद केवल मानक से कम गुणवत्ता वाले ही नहीं, बल्कि मानक श्रेणियों के नामों का दुरुपयोग कर भ्रामक विज्ञापन भी करते हैं। इन्हें बेहतर रूप में केवल “रम फ्लेवर युक्त स्पिरिट” या “व्हिस्की फ्लेवर युक्त स्पिरिट” के रूप में पहचाना जा सकता है।
मंत्रालय ने यह भी नोट किया कि उत्पाद के पैकेजिंग पर उनकी वास्तविक प्रकृति का खुलासा न होना खाद्य सुरक्षा और मानक नियमों के तहत लैबलिंग नियमों का उल्लंघन है।
जिसके खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें मोहन रॉकी सहित कई अन्य निर्माताओं के नाम भी शामिल हैं।
यह कदम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण इस प्रकार की संदिग्ध और मानकों से घटिया उत्पादों की कड़ाई से निगरानी कर रहा है।