जिला नोडल ऑफिसर आरएस बाठ ने शहर की सीमा के भीतर अवैध रूप से चल रहे 90 रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमसी ) प्लांट्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जिसमें प्लानिंग और पर्यावरण नियमों के गंभीर उल्लंघन का हवाला दिया गया है। नोटिस के अनुसार, यह आरएमसी इकाइयां सक्षम प्राधिकारी से अनिवार्य चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) अनुमति प्राप्त किए बिना और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापित करने की सहमति या संचालन की सहमति प्राप्त किए बिना संचालित की जा रही हैं।
नोटिस में आगे कहा गया है कि इन आरएमसी प्लांट्स के अवैध संचालन से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कों सहित शहर के बुनियादी ढांचे को नुकसान हो रहा है। इससे निवासियों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो रहा है, जबकि धूल, शोर और लगातार परेशानी के कारण लोगों के जीवन में गंभीर बाधा आ रही है। ऐसी इकाइयों को तुरंत अवैध गतिविधियों को बंद करने और सक्षम प्राधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है, ऐसा न करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इनमें परिसर को सील करना, केस दर्ज करना, मुकदमा चलाना और अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त करना शामिल है। यदि प्लांट्स द्वारा कारण बताओ नोटिस का जवाब असंतोषजनक पाया जाता है तो अधिकारी ऐसे प्लांट्स के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए मामले को संबंधित सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा जाएगा। नोडल ऑफिसर के रूप में वे स्थिति की नियमित निगरानी भी करेंगे।
आरएस बाठ ने कहा, वैधानिक स्वीकृतियों के बिना रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट्स चलाना प्लानिंग और पर्यावरण कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। जीएमडीए ऐसी किसी भी अवैध औद्योगिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा जो शहर के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाती है। कानून के अनुसार सभी ऐसी इकाइयों के खिलाफ सीलिंग, मुकदमा चलाने और ध्वस्त करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई शहरी विकास के प्रधान सलाहकार ढेसी की अध्यक्षता में हुई हाल की समीक्षा बैठकों की एक श्रृंखला के बाद की गई है, जिसमें अवैध आरएमसी प्लांट्स के मुद्दे की विस्तार से जांच की गई थी।

