इस पहल का सबसे बड़ा लाभ प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पेयजल की बचत है, जिसे अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकेगा। यह कदम न केवल गुरुग्राम के बहुमूल्य जल संसाधनों के संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि अपशिष्ट जल के प्रभावी पुनर्चक्रण के माध्यम से शहर के पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
झाड़सा तालाब भरने की भी व्यवस्था परियोजना के तहत झाड़सा तालाब को भरने की व्यवस्था भी शामिल की गई है, जो वर्तमान में पूरी तरह सूखा हुआ है। ट्रीटेड पानी से तालाब को भरने से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है। माइक्रो एसटीपी से पार्कों की सिंचाई योजना के तहत सेक्टर-39 स्थित पार्क संख्या (एच. नंबर-198 के सामने) स्थापित माइक्रो एसटीपी से तीन पार्कों की सिंचाई की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, सेक्टर-39 मार्केट स्थित एक पार्क में भी माइक्रो एसटीपी के ट्रीटेड पानी का उपयोग किया जाएगा, ताकि उपचारित जल का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

