शिवसेना में फिर उठी राजनीतिक बेचैनी: ‘ऑपरेशन टाइगर 2.0’ का संकेत
महाराष्ट्र की राजनीति में नई अनिश्चितता तब उत्पन्न हुई जब राज्य मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दावा किया कि “ऑपरेशन टाइगर 2.0” शुरू हो चुका है। पाटिल के अनुसार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूनिफाइड) के 14 से अधिक विधायक शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। यह बयान कुछ ही दिन पहले आया है जब नौ में से छह लोकसभा सांसद शिंदे गुट में जा चुके हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना बढ़ गई है।
इस दावे का समय भी मायने रखता है क्योंकि इससे पहले ही महा विकास अघाड़ी के विधायकों की एक बैठक हुई थी, जिसमें उद्धव ठाकरे भी उपस्थित थे। गठबंधन के कुल 60 विधायकों में से केवल 37 ही बैठक में शामिल हुए, जबकि 23 अनुपस्थित रहे। ठाकरे ने बैठक के बाद कहा कि विपक्ष की एकता सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मैदान में भी दिखनी चाहिए।
वर्तमान में शिवसेना (यूबीटी) के महाराष्ट्र विधानसभा में 20 विधायक हैं। विरोधी गुट बनने के लिए तिहाई संख्या यानी कम से कम 14 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। मुंबई के 10 विधायक इस दल में हैं, जिनमें आदि ठाकरे, वरुण सरदेसाई और सुनील राउत प्रमुख हैं।
पत्रकारों से बातचीत में गुलाबराव पाटिल ने कहा कि जनता को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए क्योंकि 14 से अधिक विधायक जल्द ही एकनाथ शिंदे के साथ होंगे। उन्होंने कहा कि शिंदे ज्यादा बोलते नहीं हैं,बल्कि दाढ़ी पर हाथ फिराते हैं। पाटिल ने आदि ठाकरे के पूर्व सुझाव का हवाला देते हुए कहा कि शिंदे की यह खास मुद्रा “ऑपरेशन टाइगर” की सफलता का संकेत है।
रिपोर्टों के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान चार शिवसेना (यूबीटी) विधायक एकनाथ शिंदे से मिले और कई और विधायकों के साथ पक्ष बदलने की इच्छा जताई। यह खबरें उद्धव ठाकरे खेमे पर दबाव बढ़ा रही हैं, जो हाल ही में हुए सांसदों के पलायन से पहले ही जूझ रहा है।
इसी बीच शिवसेना मंत्री उदय सामंत ने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता स्वयं एकनाथ शिंदे से संपर्क कर रहे हैं। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के शिंदे गुट में जाने की अटकलें भी चलीं, लेकिन सामंत ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है, बावजूद इसके उन्होंने यह कहा कि अगर वडेट्टीवार जैसे मजबूत विदर्भ नेता शिंदे के साथ काम करना चाहें तो वे खुश होंगे। बाद में वडेट्टीवार ने इस अटकल को खारिज कर कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने छह सांसदों की आलोचना तेज कर दी है जिन्होंने शिंदे गुट जॉइन किया था। पार्टी ने उन्हें ‘विद्रोही’ नहीं बल्कि ‘देशद्रोही’ बताया। आरोप लगाया गया कि सांसदों को भारी रकम देकर खरीदा गया है, हालांकि इसका कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया गया। इस विरोध में उद्धव ठाकरे ने नागपुर से तीन दिवसीय राजनीतिक यात्रा शुरू की है। यात्रा के दौरान, उन छह सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों—यवतमाल, वाशिम, हिंगोली, परभणी, धराशिव और शिर्डी—का दौरा किया जाएगा।
इन राजनीतिक हलचलों के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे को शुक्रवार को एक ही विमान में यात्रा करते देखा गया। साथ ही संजय राउत और आदि ठाकरे भी उड़ान में मौजूद थे। इस तस्वीर और वीडियो ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलें लगाईं, हालांकि इस साझा यात्रा का कोई आधिकारिक राजनीतिक महत्व नहीं बताया गया है।