दिल्ली सरकार की पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना ने राजधानी में महिला सशक्तीकरण की दिशा में नया रिकॉर्ड बनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि अब तक 8 लाख से अधिक महिलाओं को यह स्मार्ट कार्ड जारी किया जा चुका है। सरकार का दावा है कि यह योजना केवल मुफ्त यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और तकनीक आधारित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने का बड़ा माध्यम बन रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें डिजिटल रूप से भी सशक्त बना रहा है।
सरकार ने कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए राजधानी के रिहायशी इलाकों और सरकारी कार्यालयों में विशेष कैंप शुरू किए हैं। इन कैंपों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों का कार्ड आसानी से बनाया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण आवेदकों को लंबी कतारों या कागजी औपचारिकताओं का सामना नहीं करना पड़ रहा। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे कैंपों का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
टैप-एंड-गो तकनीक पर काम करता है स्मार्ट कार्ड
यह स्मार्ट कार्ड एनसीएमसी आधारित टैप-एंड-गो तकनीक पर काम करता है। इसके जरिए महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को दिल्ली परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। यात्रियों को अब कागजी टिकट लेने की जरूरत नहीं होती।
बस में लगी ईटीएम मशीन पर कार्ड टैप करते ही यात्रा दर्ज हो जाती है। सरकार के मुताबिक भविष्य में इस कार्ड का उपयोग मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सुविधा से महिलाओं को हर महीने 1200 से 2400 रुपये तक की बचत हो रही है।

