प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana 2025) के लाभुकों ने कर्ज लेकर आवास तो बना लिया, लेकिन उन्हें दूसरी व तीसरी किस्त की राशि नहीं मिल पा रही है। दूसरी किस्त की राशि देने में आवास सहायक आना-कानी कर रहे हैं। लभुकों से कहा जा रहा है कि अभी मुख्यालय के स्तर से राशि नहीं आई है, इसलिए भुगतान नहीं हो पा रहा है। सच्चाई इससे इतर है।
सच्चाई यह है कि जिस लाभुक से आवास सहायक खुश हो जाते हैं और उनका भुगतान हो जाता है। जो लाभुक आवास सहायक को खुश नहीं कर पाता है, उनका जियो टैगिंग तक नहीं हो पा रहा है। सन्हौला प्रखंड के माधोपुर बथानी पंचायत की ललिता देवी को आवास बनाने के लिए द्वितीय व तृतीय किस्त की राशि नहीं मिली है। आवास सहायक द्वारा अभी तक जियो टैगिंग भी नहीं किया गया है।
ललिता देवी का आरोप है कि आवास सहायक द्वारा जियो टैगिंग करने को लेकर राशि की मांग की जा रही है। ललिता देवी ने इसकी लिखित शिकायत बीडीओ सन्हौला से की है।
बोड़ा पाठकडीह की उमा देवी ने आवास का निर्माण करा लिया, लेकिन अभी तक दूसरी व तीसरी किस्त की राशि नहीं मिली है। डाआरडीए डायरेक्टर दुर्गा शंकर ने मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे कई लाभुक हैं, जिन्हें आवास बनाने के लिए अभी भी दूसरी व तीसरी किस्त का इंतजार है।
लक्ष्य 45726 पर 4015 आवास ही हो पाया पूर्ण
जिले में 45726 आवास बनाने का लक्ष्य है। इनमें से 44819 आवास बनाने की अनुमति दी गई है। अभी तक 4015 आवास का ही निर्माण कार्य पूरा हो पाया है। 11676 लाभुकों को तीसरी किस्त दी गई है। हालांकि चार महीने से आवास योजना की राशि नहीं आई है। जिले को वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 में 45726 आवास बनाने का लक्ष्य मिला था। इनमें से 44819 आवास बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
41959 लाभुकों को पहली किस्त का भुगतान हुआ है। इनमें से 26774 लाभुकों को दूसरी किस्त का भुगतान हुआ है। मात्र 11676 लाभुकों को ही तीसरी किस्त का भुगतान हो पाया है।
कहलगांव के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि कहलगांव प्रखंड में जिन्हें पहली किस्त की राशि मिली है, उन्होंने काम पूरा कर लिया है। उसका जियो टैग होकर भुगतान हो चुका है। जैसे-जैसे आवास बनने की सूचना आ रही है, उसका जियो टैग किया जा रहा है। भुगतान की प्रक्रिया पूरी होते ही रकम खाते में जा रही है। यहां अभी तक कोई समस्या नहीं है और न ही किसी लाभुकों की ओर से शिकायत मिली है।


