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PM Kisan Yojana: पंजाब में 49% तक गिरी लाभार्थी किसानों की संख्या, संसद में उठा तूफान

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PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना के तहत लाभार्थी किसानों की संख्या में भारी गिरावट को लेकर संसद में हंगामा मचा। खास तौर पर पंजाब और केरल जैसे कृषि-प्रधान राज्यों में लाभार्थियों की संख्या में आई कमी ने विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का मौका दिया। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वर्रिंग ने लोकसभा में सवाल उठाया कि आखिर पंजाब जैसे राज्य में PM Kisan योजना के लाभार्थियों की संख्या में इतनी भारी गिरावट क्यों देखी जा रही है। केरल से भी इसी तरह के सवाल सामने आए। जवाब में केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि सख्त हुए पात्रता नियमों और सत्यापन प्रक्रिया के कारण गैर-पात्र किसानों को बाहर किया गया है, जिससे यह कमी आई है।

पंजाब में 5 साल में 49% की गिरावट

पंजाब में PM Kisan योजना के लाभार्थियों की संख्या में पिछले पांच वर्षों में करीब 49% की कमी दर्ज की गई। दिसंबर 2019 से मार्च 2020 की चौथी किस्त में यह संख्या अपने चरम पर थी, जब 23.01 लाख किसानों को 466.47 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। लेकिन 2025 की 20वीं किस्त (अप्रैल-जुलाई) तक यह आंकड़ा घटकर 11.34 लाख रह गया, और इस दौरान 387.76 करोड़ रुपये वितरित किए गए।

किस्त-दर-किस्त कम हुए लाभार्थी

कृषि मंत्रालय ने लोकसभा में पंजाब में लाभार्थियों की संख्या का किस्त-दर-किस्त ब्योरा पेश किया, जो इस प्रकार है:

  • पहली किस्त (दिसंबर 2018-मार्च 2019): 11.81 लाख किसानों को 236.39 करोड़ रुपये।
  • दूसरी किस्त (अप्रैल-जुलाई 2019): 14.11 लाख किसानों को 312.85 करोड़ रुपये।
  • तीसरी किस्त: 22.21 लाख किसानों को 483.42 करोड़ रुपये।
  • चौथी किस्त (दिसंबर 2019-मार्च 2020): 23.01 लाख किसानों को 466.47 करोड़ रुपये।
  • पांचवीं किस्त (अप्रैल-जुलाई 2020): 19.01 लाख किसानों को 417.89 करोड़ रुपये।
  • 11वीं किस्त (अप्रैल-जुलाई 2022): 16.97 लाख किसानों को 340.95 करोड़ रुपये।
  • 12वीं किस्त (अगस्त-नवंबर 2022): सबसे बड़ी गिरावट, केवल 2.07 लाख किसानों को 41.87 करोड़ रुपये।
  • 19वीं किस्त (दिसंबर 2024-मार्च 2025): 10.58 लाख किसानों को 373.04 करोड़ रुपये।
  • 20वीं किस्त (अप्रैल-जुलाई 2025): 11.34 लाख किसानों को 387.76 करोड़ रुपये।

केरल में भी लाभार्थियों की संख्या में भारी कमी

पंजाब के साथ-साथ केरल में भी PM Kisan लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।

  • 11वीं किस्त (अप्रैल-जुलाई 2022): 34.62 लाख किसान लाभार्थी थे।
  • 12वीं किस्त (अगस्त-नवंबर 2022): यह संख्या घटकर 20.01 लाख रह गई, क्योंकि राज्य केवल इतने किसानों के लिए भूमि सत्यापन (लैंड सीडिंग) पूरा कर सका।
    हालांकि, 19वीं किस्त में लाभार्थियों की संख्या में कुछ वृद्धि देखी गई, लेकिन यह पहले की तुलना में अभी भी कम है।

20वीं किस्त में 10 लाख किसान कम

2 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM Kisan की 20वीं किस्त जारी की, जिसमें 9.7 करोड़ किसानों के खातों में 2,000 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। इससे पहले 19वीं किस्त में 9.8 करोड़ किसानों को भुगतान हुआ था। यानी 19वीं से 20वीं किस्त के बीच करीब 10 लाख लाभार्थी कम हो गए।

केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण

केंद्र सरकार ने सफाई दी कि PM Kisan योजना पूरी तरह पारदर्शी है और इसका लाभ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए सीधे किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक 20 किस्तों में 3.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। सरकार ने बताया कि आधार-सीडिंग, भूमि अभिलेख सत्यापन और e-KYC को अनिवार्य करने के बाद केवल पात्र किसानों को ही लाभ मिल रहा है। मंत्रालय का कहना है कि बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म कर दी गई है और सख्त सत्यापन प्रक्रिया के चलते गैर-पात्र किसानों को बाहर किया गया है।

विपक्ष का हंगामा और सवाल

संसद में विपक्ष ने इस गिरावट को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वर्रिंग ने पूछा कि जब देश में 14.5 करोड़ किसान हैं, तो योजना का लाभ केवल 9-10 करोड़ किसानों तक ही क्यों पहुंच रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार धीरे-धीरे इस योजना को बंद करने की तैयारी कर रही है। जवाब में सरकार ने कहा कि योजना को और विस्तार देने का कोई प्रस्ताव नहीं है, और गैर-पात्र किसानों, जैसे आयकर दाता और सरकारी कर्मचारी, को बाहर किया गया है।

किसानों में असंतोष

पंजाब और केरल में लाभार्थियों की संख्या में कमी ने किसानों में असंतोष पैदा किया है। किसान संगठनों का कहना है कि सख्त नियमों और e-KYC की जटिल प्रक्रिया के कारण कई पात्र किसान भी योजना से वंचित हो रहे हैं। पंजाब के किसान नेताओं ने इसे केंद्र और राज्य के बीच तनाव से भी जोड़ा, जिसके चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

PM Kisan योजना को लेकर यह विवाद संसद से लेकर खेतों तक चर्चा का विषय बना हुआ है, और किसान सरकार से स्पष्ट जवाब और समाधान की मांग कर रहे हैं।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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