• Thu. Oct 1st, 2026

India Core News | Read Latest Trending News..

आपका इंडिया आपकी न्यूज़

नोएडा: कांग्रेस, सपा और आप के पदाधिकारियों को पुलिस ने रोका, राजनेताओं ने वीडियो जारी करके सरकार पर साधा निशाना

श्रमिकों से शुरू हुआ प्रदर्शन अब पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुका है। अभी तक राजनीतिक दल अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से ही सरकार और पुलिस-प्रशासन पर तंज कसने में लगे हुए थे। शुक्रवार को माहौल तब गर्माया जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, सपा का प्रतिनिधिमंडल और आप के युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष श्रमिकों से मिलने नोएडा पहुंचे। पुलिस ने मिलने से रोका तो हाईवोल्टेज ड्रामा भी हुआ। सपाइयों ने तो सड़क पर बैठकर प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने माहौल बिगड़ने का हवाला देते हुए राजनेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया।

सपा का प्रदर्शन, डीएनडी पर धरना : पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश में गठित प्रतिनिधि मंडल श्रमिकों और उनके परिवार से मुलाकात करने नोएडा आ रहा था। लेकिन पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे नेता प्रतिपक्ष विधान सभा माता प्रसाद पांडेय और अन्य राजनेताओं की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। आगे बढ़ने पर डटे सपाइयों को पुलिस ने एक कदम भी आगे नहीं बढ़ने दिया। मामला यहां नहीं थमा, विरोध में सपा के नेता और समर्थक सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। पुलिस भी बैकफुट पर नहीं आई और प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों को अपने साथ ग्रेटर नोएडा स्थित पुलिस लाइन ले गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को सेक्टर-52 में रोका : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने सेक्टर-52 स्थित कार्यालय में रोक दिया। अजय राय भी श्रमिकों के परिवार से मिलने आए थे। अजय राय समेत अन्य पदाधिकारियों को पुलिस ने नजर बंद कर दिया। भारी पुलिस बल को कार्यालय के बाहर तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी स्वयं देर शाम तक तैनात रहे। प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को श्रमिक विरोधी बताया।

आप युवा विंग अध्यक्ष हाउस अरेस्ट : आम आदमी पार्टी के युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष पंकज अवाना को पुलिस ने उनके घर में ही हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल श्रमिकों के मुद्दे पर जिलाधिकारी से मिलने जा रहा था लेकिन उन्हें घर से बाहर ही नहीं निकलने दिया गया। श्रमिकों के हक में आवाज उठाने पर ऐसा किया जा रहा है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )