केंद्रीय बजट पर महाराष्ट्र में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे ने इसे विकासोन्मुख बताते हुए राज्य को एक लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद जताई। वहीं, कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) जैसे विपक्षी दलों ने इसे आम लोगों के लिए निराशाजनक और महाराष्ट्र के लिए खास न होने वाला बताया। बजट में मुंबई मेट्रो, हाई-स्पीड कॉरिडोर सहित कई परियोजनाओं के लिए आवंटन किया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बजट को विकासोन्मुख और सकारात्मक बताया, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे आम लोगों के लिए निराशाजनक करार दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस बजट से महाराष्ट्र को करीब एक लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। फडणवीस के अनुसार, बजट में शहरी विकास, निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन पर साफ़ जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए योजनाएं, छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण, जिलों में इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के समग्र विकास में मदद करेंगी
एकनाथ शिंदे बोले- मुंबई के साथ छोटे शहरों को भी फायदा
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी बजट का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह बजट मुंबई और पूरे महाराष्ट्र को मजबूती देगा। साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी तेज विकास को बढ़ावा मिलेगा। शिंदे ने शहरीकरण पर दिए गए फोकस की सराहना करते हुए कहा कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बड़े महानगरों से बाहर भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विपक्ष का हमला
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने बजट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा टैक्स देने वाला राज्य है, लेकिन इसके बावजूद बजट में राज्य को कुछ खास नहीं मिला।