दो से नौ फरवरी तक इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं होंगी। सीसीटीवी कैमरों और वायस रिकाॅर्डर की निगरानी में प्रयोगात्मक परीक्षा हो रही है। वहीं, अब अंक देने की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। परीक्षक को परीक्षा केंद्र पर ही ऑनलाइन अंक देने होंगे। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल प्रायोगिक तौर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से मंगाए गए थे। ऑनलाइन व्यवस्था के सफल होने के बाद अब पूरी तरह डिजिटल माध्यम को ही अपनाया गया है। अब नई प्रणाली के तहत परीक्षकों को मोबाइल एप के जरिये दो बार अंक अपलोड किए जा रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से इस प्रक्रिया में जियो फेंसिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब परीक्षक केंद्र पर मोबाइल एप से लाॅग इन करेंगे तो सिस्टम उनके वर्तमान भौगोलिक स्थान (जियो पैरामीटर) का मिलान पहले से दर्ज डाटा से करेगा। निर्धारित दूरी के भीतर होने पर ही प्रैक्टिकल परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। कैमरे की रिकॉर्डिंग रखी जाएगी सुरक्षित प्रयोगात्मक परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए इसे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराई जा रही है। साथ ही परीक्षाओं के आयोजन की रिकॉर्डिंग को छह माह तक सुरक्षित रखा जाएगा। जिससे आवश्यकता के अनुरूप मांगे जाने पर उपलब्ध कराया जा सके। 13 सेक्टर मजिस्ट्रेट का सचल दल भी भ्रमणशील रहकर परीक्षा का जायजा ले रहा है।
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