बदलती शिक्षा व्यवस्था और नई शिक्षा नीति की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिले के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने दो नए कोर्स शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इन कोर्सों का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण और तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ना है। अब तक स्कूलों में विद्यार्थियों को ई-मेल आईडी बनाना, मेल भेजना और फाइल डाउनलोड करना जैसे बुनियादी कौशल सिखाए जाते थे, जबकि नए सिलेबस के जरिये छात्रों को एआई की बुनियादी और व्यावहारिक समझ दी जाएगी।
छात्रों के लिए तैयार किए गए एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग आधारित पाठ्यक्रम के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं में इस विषय को अनिवार्य किया जाएगा। पहले चरण में सिलेबस कक्षा 9वीं में लागू किया जाएगा, जिसके बाद इसे कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं तक विस्तार दिया जाएगा। एआई सिलेबस को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एससीईआरटी के अनुसार, सर्दियों की छुट्टियों में प्रदेश के करीब एक लाख शिक्षकों को ऑनलाइन माध्यम से एआई प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए पहले ही डाइट के शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा चुका है, जो आगे स्कूल स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।