अधिकारियों का कहना है कि वायु प्रदूषण के लिए सबसे बड़ा कारण सड़कों में होने वाले गड्ढ़े और मौजूद मिट्टी है। इससे वाहनों के गुजरने पर हवा में प्रदूषण फैलाने वाले धूल के कण पहुंचते हैं। ऐसे में इस कारण को ही प्राथमिकता पर न्यूनतम करने पर प्राधिकरण काम शुरू कर रहा है। इसके लिए दिल्ली सरकार का सहयोग कर रही एनजीओ ए-गैप की मदद भी प्राधिकरण ले रहा है।
यह संस्था मोबाइल एप तैयार कर शिकायतों की निगरानी और रिपोर्टिंग नेटवर्क विकसित करेगी। इसके अलावा जागरूकता कार्यक्रम और इस प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों के प्रशिक्षण का काम संभालेगी। प्रमुख महाप्रबंधक संदीप चंद्रा ने बताया कि सीईओ एनजी रवि कुमार के सामने भी एक प्रजेंटेशन एनजीओ दे चुकी है।