बैठक में दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश,जम्मू-कश्मीर, असम, पंजाब, त्रिपुरा, तमिलनाडु, ओडिशा, तेलंगाना व महाराष्ट्र के मुख्य व शिक्षा सचिव व शिक्षा विभागों के अधिकारी शामिल हुए। छात्र, शिक्षकों का समग्र विकास होगा
सरकार का फोकस, अब गुणवता और समानता से आगे है। यानी, समग्र शिक्षा को एक बड़े एक्सेस स्कीम से बदलकर एनईपी 2020 के तहत तालमेल बिठाते हुए, नतीजों पर आधारित, क्वालिटी पर फोकस करने वाले फ्रेमवर्क में बदलना होगा। इसमें सीखने व पोषण के नतीजों को बेहतर बनाना, परीक्षा का तनाव, शिक्षा के अंतर व ड्राॅपआउट कम करना, शिक्षा व पोषण के परिणामों में सुधार, 12वीं कक्षा तक 100 फीसदी एडमिशन हासिल करना व स्कूलों को प्रौद्योगिकी से जोड़ने पर काम होगा। इसके अलावा शिक्षकों की क्षमता बढ़ाना, हर बच्चे में डिज़ाइन थिंकिंग और ज़रूरी स्किल्स को बढ़ावा देना भी शामिल है।

