ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ)/ कॉल सेंटर की योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। योजना में छोटे आकार के 22 भूखंड हैं। आईटी कंपनियों के लिए यहां अपना दफ्तर खोलकर कारोबार बढ़ाने का अच्छा मौका है। लंबे इंतजार के बाद यह योजना लाई गई है। प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। निर्धारित किए गए आरक्षित मूल्य पर 55 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा।
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक अरविंद मोहन सिंह ने बताया कि योजना में 500, 684, 783, 1000, 1042, 1126, 1206 व 1389 वर्गमीटर के कुल 22 भूखंड है,जो सेक्टर नॉलेज पार्क-5 व टेक्जोन-4, 7 में स्थित हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें सबसे ज्यादा 500 और 1000 वर्गमीटर के भूखंड हैं। भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया 25 अगस्त से शुरू हो गई है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 23 सितंबर है। योजना में शामिल सभी भूखंडों का मिलाकर आरक्षित मूल्य लगभग 55 करोड़ रुपये है। इन भूखंडों के आवंटन से बड़ा निवेश आने की उम्मीद है। ई-नीलामी के माध्यम से आवंटन होने पर भूखंडों की आरक्षित से कई गुणा ऊंची बोली लगती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि बीपीओ के लिए लाई गई 22 भूखंडों की योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि इससे कंपनियों को अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। भविष्य में बड़े आकार के भूखंडों की योजना भी लाई जाएगी।