बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उनके नाम के आगे ‘मियां’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी भारतीय संस्कृति के महत्व को नहीं समझते हैं। नितिन नवीन के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ‘मियां’ शब्द का अलग अर्थ बताते हुए बीजेपी पर पलटवार किया है।
संजय राउत ने कहा कि अगर नितिन नवीन ने राहुल गांधी को ‘मियां’ कहा है, तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने कहा कि ‘मियां’ शब्द का इस्तेमाल सम्मान के तौर पर और भाई के लिए किया जाता है। अगर कोई ‘राहुल भाई’ कहना चाहता है तो इसमें गलत क्या है? नितिन नवीन ने यह बयान 9 सितंबर को उत्तराखंड के हल्द्वानी में दिया था।
नितिन नवीन ने कहा था, “मैं राहुल मियां से कहता हूं मित्रों कि राहुल जी, आप वंदे मातरम् का महत्व कभी नहीं समझ सकते क्योंकि आपका पालन-पोषण विदेशी संस्कृति में हुआ है।”
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि नरेंद्र मोदी भी जब सऊदी अरब जाते हैं तो वहां उन्हें ‘मियां’ कहकर बुलाया जाता है। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी कुवैत या दुबई जाते हैं तो वहां के लोग उन्हें ‘नरेंद्र मियां’ कहकर संबोधित करते हैं। राउत ने कहा, “अगर मियां गलत है तो आप बता दीजिए। वह लोग कहते हैं, ‘नरेंद्र मियां जी आए हैं। नरेंद्र मियां का स्वागत।’”
संजय राउत ने आगे कहा कि ‘मियां’ और ‘जनाब’ का क्या मतलब होता है, यह समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन शब्दों का इस्तेमाल भाई की तरह किया जाता है और इसमें गलत कुछ नहीं है।
राउत इसी मुद्दे पर नहीं रुके। उन्होंने कहा कि ‘राहुल मियां’ का मतलब ‘राहुल भाई’ है। उसी तरह ‘नरेंद्र मियां’ और ‘अमित मियां’ कहा जाता है। उन्होंने सवाल किया कि ये सब ‘मियां’ लोग ही हुए न? राउत ने कहा कि ‘मियां’ और ‘जनाब’ का मतलब समझने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को लगता है कि इस तरह की भाषा के इस्तेमाल से लोगों के बीच कड़वाहट पैदा होगी, तो ऐसा कुछ नहीं है। लोगों को इसका अर्थ मालूम है।
दरअसल, मुस्लिम धर्म में नाम के आगे या पीछे ‘मियां’ लगाने का अर्थ गहरे सम्मान से जुड़ा होता है। यह मूल रूप से एक आदरसूचक टाइटल है। मुस्लिम लोग अक्सर ‘आओ मियां, बैठो’ जैसे संबोधन का इस्तेमाल करते हैं।

