उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक ओर जहां सारी दुनिया में उथल-पुथल मची है। वहीं भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत देश में इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन छह गुना बढ़ा है। वहीं निर्यात में 8 गुना की बढ़ोतरी हुई है। देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत टेंपर्ड ग्लास की मैन्युफैक्चरिंग की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत तमाम जरूरी उत्पादों के सभी तरह के पुर्जे भारत में ही बनें। इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। टेंपर्ड ग्लास संयंत्र में परिचालन शुरू होने के साथ हम जल्द ही मेड इन इंडिया चिप्स भी देखेंगे। वहीं इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने कहा कि इससे न केवल घरेलू मांग पूरी होगी बल्कि इस क्षेत्र में देश अग्रणी निर्यातक बनेगा। 60 करोड़ के निवेश से शुरू हुआ प्लांट, 600 को मिला रोजगार ऑप्टिमस इंफ्राकॉम लिमिटेड के चेयरमैन अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि करीब 60 करोड़ के निवेश से निर्माण इकाई शुरू की जा रही है। भारत में पहली बार उपभोक्ताओं के लिए मानकीकृत, उच्च गुणवत्ता के टेंपर्ड ग्लास उत्पाद उपलब्ध होंगे। टेंपर्ड ग्लास का वैश्विक बाजार 60 अरब डॉलर से अधिक का है। यहां प्रति वर्ष करीब 2.5 करोड़ टेंपर्ड ग्लास बनाने का लक्ष्य है। कंपनी में 600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
800 करोड़ का निवेश करेगी कंपनी, 4500 को मिलेगा रोजगार
ऑप्टिमस कंपनी दूसरे चरण में 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगी। स्थानीय एवं वैश्विक बाजारों के लिए टेंपर्ड ग्लास की उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी। दूसरे चरण के बाद सालाना 20 करोड़ टैंपर्ड ग्लास का उत्पादन होगा। जिससे 4,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा। 11 लाख करोड़ के पार पहुंचा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 11 लाख 70 हजार करोड़ रुपये का स्तर पार कर गया। इसके साथ ही देश विश्व में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन गया। उन्होंने कहा कि वहीं भारत अब 2047 विकसित भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है।