एनसीआर में सेक्स निर्धारण रैकेट का पर्दाफाश, डॉक्टर समेत दो गिरफ्तार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चल रहे सेक्स निर्धारण रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक डॉक्टर और एक अन्य व्यक्ति को डिकॉय ऑपरेशन के माध्यम से गिरफ्तार किया गया है। यह रैकेट गर्भ में बच्चे के लिंग की जानकारी देकर अवैध लाभ कमाने का धंधा चला रहा था।
पुलिस के अनुसार, सूचना के आधार पर उन्होंने एक जाल बिछाया और डिकॉय की मदद से इस धंधे में शामिल लोगों को रंगे हाथों पकड़ा। गिरफ्त में आए डॉक्टर ने अपने क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड के जरिए गर्भवती महिलाओं को बच्चे के लिंग की जानकारी देने का काम किया। इसके लिए उन्होंने माताओं से भारी शुल्क वसूला।
सेक्स निर्धारण और भ्रूण लिंग परीक्षण भारत में गैरकानूनी है, जिसे भ्रूण लिंग निर्धारण प्रतिबंध अधिनियम, 1994 के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। इस रैकेट की गिरफ्तारी से इस अवैध गतिविधि पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस ने कहा है कि इस मामले की जांच जारी है और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
एनसीआर क्षेत्र में सेक्स निर्धारण क्लीनिकों और रैकेट्स का सक्रिय होना चिंता का विषय है क्योंकि इससे लैंगिक असंतुलन बढ़ता है और सामाजिक समस्याएं जन्म लेती हैं। सरकार और पुलिस प्रशासन दोनों ही इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं।
अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देते रहें ताकि समाज में नारी शक्ति की गरिमा बनी रहे और भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगाया जा सके।