बीते एक साल में चांदी ने ऐसी तेजी दिखाई कि निवेशकों को 200% से ज्यादा का रिटर्न मिला और यह सबसे तेज प्रदर्शन करने वाली एसेट्स में शामिल हो गई। हालांकि, अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह तेजी बरकरार रहेगी या बाजार में ठहराव आएगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) की ताजा कमोडिटी रिपोर्ट ‘Gold’en Ratio Reset’ संकेत दे रही है कि फिलहाल सोना ज्यादा संतुलित विकल्प बनकर उभर सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, चांदी की तेज बढ़त के चलते गोल्ड-सिल्वर रेशियो में बड़ा बदलाव आया है। महामारी के दौरान यह रेशियो 127 तक पहुंच गया था, जो अब घटकर करीब 50 पर आ गया है। यह बदलाव बाजार की दिशा में आए बड़े परिवर्तन की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट का कहना है कि लंबी अवधि में दोनों धातुएं मजबूत रह सकती हैं, लेकिन निकट भविष्य में सोना अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है।
MOFSL के कमोडिटी रिसर्च हेड नवनीत दमानी और विश्लेषक मानव मोदी के मुताबिक, चांदी ने उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी दिखाई है। इतनी तेज चढ़ाई के बाद अस्थिरता बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे समय में सोना निवेशकों को अपेक्षाकृत स्थिरता दे सकता है। उनका कहना है कि यह चांदी से पूरी तरह बाहर निकलने की सलाह नहीं, बल्कि जोखिम संतुलन की रणनीति है।
रिपोर्ट बताती है कि चांदी ने ₹60,000 से बढ़कर ₹3,20,000 तक का स्तर छुआ है। इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बाजार में मुनाफावसूली और पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग आम बात होती है। MOFSL का मानना है कि मौजूदा समय निवेश रणनीति की समीक्षा का है।
2026 की शुरुआत से सिल्वर ETF से लगभग 30 लाख औंस की निकासी दर्ज की गई है, जबकि गोल्ड ETF में निवेश अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है। वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती लिक्विडिटी के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। अमेरिका और चीन में बढ़ती मनी सप्लाई भी सोने के पक्ष में माहौल बना रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में कीमती धातुओं के पोर्टफोलियो में 75% हिस्सा सोने और 25% चांदी को देना संतुलित रणनीति हो सकती है। इससे निवेशक चांदी की दीर्घकालिक संभावनाओं से जुड़े रहेंगे और सोने के जरिए जोखिम को भी नियंत्रित रख सकेंगे।
निष्कर्ष
चांदी की ऐतिहासिक रैली ने निवेशकों को बड़ा मुनाफा दिया है, लेकिन आगे की चाल में सावधानी जरूरी है। MOFSL का आकलन है कि फिलहाल सोना ज्यादा स्थिर और सुरक्षित विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है।
डिस्क्लेमर: यह ब्रोकरेज की राय है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

