पुलिस जांच में सामने आया है कि होटल के कमरों से ही पूरा ठगी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबर और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क करते थे। शुरुआत में कम रकम पर लाभ दिखाकर भरोसा जीता जाता और फिर बड़ी राशि निवेश के नाम पर हड़प ली जाती थी।
थानाधिकारी ओमप्रकाश चौधरी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार, महेश भाई और हितेश कुमार के रूप में हुई है। तीनों गुजरात के निवासी बताए जा रहे हैं और पिछले करीब 15 दिनों से सरूपगंज इलाके में होटल को अस्थायी ठिकाना बनाकर ठगी की गतिविधियां चला रहे थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 1 डोंगल, 10 सिम कार्ड और 12 डायरियां बरामद की हैं। इसके अलावा 9 बैंक खाता डायरी, 3 चेकबुक और 15 एटीएम कार्ड भी जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने में किया जा रहा था।
वाहन भी जब्त, लाखों का रोज़ाना लेन-देन
पुलिस ने गिरोह की गतिविधियों में इस्तेमाल की जा रही दो कारों को भी कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी रोजाना करीब 6 से 7 लाख रुपये का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर रहे थे और रकम को कई खातों व डिजिटल माध्यमों से घुमाया जा रहा था।
तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और ठगी की कुल राशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। मोबाइल डेटा, बैंक खातों और लैपटॉप की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग या निवेश के नाम पर मिलने वाले लालच में न आएं और किसी भी संदिग्ध कॉल या गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

