महाराष्ट्र TET 2026 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के आरोप के कारण स्थगन
महाराष्ट्र में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़ा संकट आया है क्योंकि महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 को एक दिन पहले कथित प्रश्नपत्र लीक के कारण स्थगित कर दिया गया। इस घटना ने प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं और भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने वाले सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर चिंता जताई गई है।
भिवंडी पुलिस ने इस मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान राजीव शाह और आकाश कुमार, जो बिहार के निवासी हैं, तथा धीरेज कुमार, हरियाणा से, के रूप में हुई है। जांच अधिकारियों का कहना है कि इससे जुड़े बड़े अन्तरराज्यीय नेटवर्क की भी संभावना तलाशी जा रही है। इस जांच का नेतृत्व जिला पुलिस उपाधीक्षक (जोन II) पवन बन्सोडे कर रहे हैं।
TET परीक्षा 28 जून 2026 को महाराष्ट्र के 1,028 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जानी थी। हालांकि, खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने शनिवार की तड़के भिवंडी में छापा मारा और संदिग्ध परीक्षा सामग्री बरामद की। जब बरामद सामग्री की तुलना आधिकारिक प्रश्नपत्र से की गई तो कई प्रश्न दोनों में समान पाए गए, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता को गम्भीर नुकसान पहुंचा।
प्रारंभिक जांच के बाद अपराध मामला दर्ज किया गया और एक संगठित परीक्षा रैकेट की संभावना पर विस्तार से जांच शुरू की गई। मुख्य फोकस प्रश्नपत्र लीक के स्रोत की पहचान, डिजिटल सबूतों का विश्लेषण, वित्तीय लेन-देन की जांच तथा महाराष्ट्र से बाहर के संभावित लिंक तलाशने पर है।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए TET 2026 परीक्षा को स्थगित किया गया है। परिषद ने बताया कि सबूतों के बावजूद परीक्षा कराने से हजारों योग्य उम्मीदवारों का नुकसान होता और सार्वजनिक विश्वास कमजोर होता। जांच पूरी होने के बाद परीक्षा की नई तारीख और उम्मीदवारों को निर्देश दिए जाएंगे।
यह घटना भारत में परीक्षा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों की एक और झलक पेश करती है। पूर्व में भर्ती और पात्रता परीक्षाओं में विवाद ने आम जनता की चिंता बढ़ाई थी और इस बार की घटना ने सुरक्षा प्रबंधों को और सघन करने की मांग को तीव्र कर दिया है। जांच जारी है, और अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार कार्रवाई हो रही है। जनता से अपील है कि वे अनधिकारिक प्रश्नपत्र साझा न करें और किसी भी अनियमितता में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।