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UP-कानपुर सिटी के सपा पूर्व सांसद राजारामपाल का बयान, उम्मीद नहीं थी कि हार का मुंह देखना पड़ेगा, आगामी लोकसभा चुनाव में होगा फायदा

यूपी के कानपुर सिटी के सपा पूर्व सांसद ने बड़ा बयान दिया है पांच राज्यों में आए चुनाव परिणामों में कांग्रेस को एक बड़ा झटका मिला है । इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ और राजस्थान में जहा पर कांग्रेस की सरकार थी वहा पर भी बीजेपी ने कांग्रेस से सत्ता छीन ली है वहीं एमपी में कहा जा रहा था की इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी क्योंकि ज्यादातर एक्जिट पोल भी कांग्रेस की सरकार बनने की बात कहे रहे थे। लेकिन बीजेपी ने प्रचंड बहुमत से एमपी में जीत दर्ज की जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। तो इसी मुद्दे पर हमारे संवाददाता ने कानपुर से सपा के पूर्व सांसद राजारामपाल से खास बातचीत की।

पूर्व सांसद राजारामपाल ने कहा की सभी को उम्मीद थी की कांग्रेस यह चुनाव जीतेगी लेकिन जब परिणाम आए तो कांग्रेस की हार हुई उन्होंने कहा की राजनीति में हार जीत लगी रहती है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता की सपा से गठबंधन ना होने पर कांग्रेस हारी ऐसा नहीं है कुछ गड़बड़ी हुई है जो किसी और तरफ इशारा करती है। हमारे नेता अखिलेश यादव ने भी कहा है की यह एक लंबी लड़ाई है जो हमे सबको मिलकर लड़नी है। वहीं उन्होंने कहा की 2024 में इंडिया गठबंधन मजबूती के साथ लड़ेगा और जीतेगा।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}