देश के उन करोड़ों रेहड़ी-पटरी वालों के लिए खुशखबरी है, जो शहरों की सड़कों पर मेहनत-मजदूरी कर हमारी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘पीएम स्वनिधि’ (PM SVANidhi) योजना को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इस सुपरहिट योजना को न केवल मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है, बल्कि इसमें इतने शानदार बदलाव किए गए हैं कि यह रेहड़ी-पटरी वालों की जिंदगी बदलने का माद्दा रखती है। अब उन्हें अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए पहले से ज्यादा लोन के साथ-साथ UPI-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी मिलेगी। आइए, इस योजना के नए स्वरूप और फायदों को विस्तार से समझते हैं।
PM SVANidhi योजना: शुरुआत और मकसद
कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन ने रेहड़ी-पटरी वालों की कमर तोड़ दी थी। उनका छोटा-मोटा कारोबार ठप हो गया, और जमा-पूंजी भी खर्च हो गई। ऐसे में 1 जून 2020 को मोदी सरकार ने ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ (PM SVANidhi) योजना शुरू की। इसका उद्देश्य था रेहड़ी-पटरी वालों को साहूकारों के महंगे कर्ज से मुक्ति दिलाना और बैंकों से कम ब्याज पर आसान शर्तों के साथ वर्किंग कैपिटल लोन उपलब्ध कराना, ताकि वे अपने कारोबार को फिर से पटरी पर ला सकें। इस योजना ने अब तक 68 लाख से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वालों को सहारा दिया है।
लोन की नई सीमा: अब और ज्यादा ताकत
कैबिनेट के ताजा फैसले के तहत PM SVANidhi योजना में लोन की सीमा बढ़ा दी गई है। पहले चरण में अब 10,000 रुपये के बजाय 15,000 रुपये तक का लोन मिलेगा। दूसरे चरण में 20,000 रुपये की जगह 25,000 रुपये तक का लोन उपलब्ध होगा, जबकि तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का लोन पहले की तरह ही रहेगा। यह बढ़ोतरी रेहड़ी-पटरी वालों को अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मौका देगी। चाहे सब्जी बेचने वाले हों, चाय-पकौड़े की दुकान चलाने वाले, या फिर नाई और मोची जैसे सेवा प्रदाता, अब उनके पास अपने व्यापार को विस्तार देने के लिए ज्यादा पूंजी होगी।
UPI-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड: डिजिटल क्रांति की शुरुआत
इस योजना का सबसे क्रांतिकारी बदलाव है UPI-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा। जिन रेहड़ी-पटरी वालों ने अपने दूसरे चरण के लोन का समय पर भुगतान किया है, वे अब 30,000 रुपये तक की क्रेडिट सीमा वाला यह क्रेडिट कार्ड पाने के पात्र होंगे। यह कार्ड न केवल उनकी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगा। क्रेडिट कार्ड की शर्तें बैंकों द्वारा विक्रेता की क्रेडिट हिस्ट्री और लेनदेन के आधार पर तय की जाएंगी। इसके साथ ही, डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए 1,600 रुपये तक का वार्षिक कैशबैक भी दिया जाएगा।
डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा, कैशबैक का तोहफा
PM SVANidhi योजना डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। योजना के तहत डिजिटल लेनदेन करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों को हर महीने 50 से 100 रुपये तक का कैशबैक मिलता है, जो सालाना 1,200 रुपये तक हो सकता है। अब नए बदलावों के तहत यह कैशबैक बढ़कर 1,600 रुपये तक हो गया है। पेटीएम, फोनपे, गूगल पे, और भारत पे जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के साथ जुड़कर रेहड़ी-पटरी वाले न केवल अपने कारोबार को आधुनिक बना रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त आय भी कमा रहे हैं।
कौन उठा सकता है फायदा?
यह योजना उन सभी रेहड़ी-पटरी वालों के लिए है, जो 24 मार्च 2020 से पहले शहरी इलाकों में कारोबार कर रहे थे। पात्रता के लिए निम्नलिखित शर्तें हैं:
- शहरी स्थानीय निकाय (ULB) द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट या पहचान पत्र रखने वाले।
- ULB सर्वे में शामिल लेकिन सर्टिफिकेट न मिलने वाले विक्रेताओं को IT प्लेटफॉर्म के जरिए अस्थायी सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
- सर्वे से छूट गए या बाद में कारोबार शुरू करने वाले विक्रेताओं को ULB या टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) से सिफारिश पत्र (LoR) मिल सकता है।
- ग्रामीण या पेरी-अर्बन क्षेत्रों से आए विक्रेता, जो ULB की सीमा में कारोबार करते हैं और LoR रखते हैं।
कम ब्याज, कोई गारंटी नहीं, और आसान प्रक्रिया
PM SVANidhi योजना के तहत लोन बिना किसी गारंटी (कोलैटरल-फ्री) के मिलता है। समय पर या जल्दी लोन चुकाने वालों को 7% की ब्याज सब्सिडी दी जाती है, जो सीधे उनके बैंक खाते में जमा होती है। पहले चरण के लोन की अवधि 6 से 12 महीने, दूसरे चरण की 6 से 18 महीने, और तीसरे चरण की अधिकतम 36 महीने तक है। ब्याज दरें बैंकों और NBFC के नियमों के अनुसार 8% से 24% के बीच हो सकती हैं। लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग फी नहीं है, और समय से पहले लोन चुकाने पर कोई पेनल्टी भी नहीं लगती।
आवेदन कैसे करें?
लोन के लिए आवेदन करना बेहद आसान है। रेहड़ी-पटरी वाले निम्नलिखित तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
- ऑनलाइन पोर्टल: PM SVANidhi की आधिकारिक वेबसाइट (pmsvanidhi.mohua.gov.in) पर जाकर 15,000, 25,000 या 50,000 रुपये के लोन के लिए आवेदन करें।
- मोबाइल ऐप: PM SVANidhi ऐप के जरिए लोन आवेदन, स्टेटस चेक, और डिजिटल लेनदेन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
- बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (BC) या MFI एजेंट: स्थानीय ULB से इनके संपर्क विवरण ले सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, वोटर आईडी, यूटिलिटी बिल, और वेंडिंग सर्टिफिकेट या LoR शामिल हैं।
क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण
नए बदलावों में रेहड़ी-पटरी वालों के लिए उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल कौशल, और मार्केटिंग पर प्रशिक्षण का भी प्रावधान है। खास तौर पर स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए FSSAI के साथ मिलकर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा पर प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। यह कदम न केवल उनके कारोबार को बेहतर बनाएगा, बल्कि ग्राहकों के बीच उनकी विश्वसनीयता भी बढ़ाएगा।
महिलाओं के लिए भी सशक्तिकरण का मौका
PM SVANidhi योजना ने 44% महिला विक्रेताओं को लाभ पहुंचाया है, जो इसे लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम बनाता है। ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों में आए विक्रेताओं को भी अब इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे यह और समावेशी हो गई है।
आगे की राह
7332 करोड़ रुपये के बजट के साथ PM SVANidhi योजना अब 1.15 करोड़ रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखती है। यह योजना न केवल वित्तीय सहायता दे रही है, बल्कि डिजिटल लेनदेन और औपचारिक बैंकिंग को बढ़ावा देकर इन छोटे उद्यमियों को मुख्यधारा में ला रही है। सस्ते लोन, क्रेडिट कार्ड, और डिजिटल कैशबैक के साथ यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत मंच तैयार कर रही है।
रेहड़ी-पटरी वाले, जो शहरों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, अब इस योजना के जरिए नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। सरकार का यह कदम न केवल उनकी मेहनत को सम्मान देता है, बल्कि उनके सपनों को हकीकत में बदलने का रास्ता भी खोलता है।


