मिड-डे-मील में सामने आए घोटाले के बाद शिक्षा विभाग ने अब व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। निर्देश जारी किए गए हैं कि स्कूलों में चल रहे खुले मिड-डे-मील बैंक खातों को तुरंत बंद कराया जाए। मौलिक शिक्षा महानिदेशक ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट रूप से आदेश दिए हैं कि खाते बंद करवाने की कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी की जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने मिड-डे-मील के लिए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इसे अब हरियाणा एंड इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएआईसीएल) के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे खाद्य सामग्री की खरीद में पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार की धांधली की गुंजाइश कम होगी। आगे से मिड-डे-मील से संबंधित सभी धनराशि स्कूलों के कॉमन खाते या डीडीओ खाते में ही भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2013-14 में मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (एमआईएस) पर छात्रों का डेटा कम होने के बावजूद स्कूलों में ज्यादा संख्या में मिड-डे-मील दिखाया जा रहा था। जांच में पाया गया कि छात्र संख्या से अधिक खाद्य सामग्री खरीदी जा रही थी। इसी मामले में अब सीबीआई जांच भी जारी है। इस व्यवस्था से मिड-डे-मील योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सकेगा।