Report By : ICN Network
जानें यूपीएससी की गलियारों की मशहूर जोड़ी आईएएस तुषार सिंगल और आईपीएस नवजोत सिम्मी की अनोखी कहानी
आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बीच प्रेम कहानियां अक्सर यूपीएससी की ट्रेनिंग अकैडमी में जन्म लेती हैं। खासकर लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकैडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान कई अफसरों के बीच दोस्ती होती है, जो बाद में जीवनभर का रिश्ता बन जाती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक और दिलचस्प प्रेम कहानी है आईएएस तुषार सिंगला और आईपीएस नवजोत सिम्मी की। इन दोनों की मुलाकात अकैडमी में हुई थी, जहां से दोस्ती की शुरुआत हुई, फिर यह रिश्ता प्यार में बदला और आखिरकार दोनों ने शादी कर ली।
कैसे हुई दोस्ती?
आईएएस तुषार सिंगला और आईपीएस नवजोत सिम्मी पहली बार एक कॉमन फ्रेंड के जरिए मिले थे। तुषार, नवजोत से सीनियर थे, लेकिन दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। आईपीएस नवजोत सिम्मी को ट्रेनिंग के बाद बिहार कैडर मिला, जबकि तुषार सिंगला पश्चिम बंगाल कैडर में पोस्टेड थे। ट्रेनिंग के दौरान दोनों की दोस्ती गहरी होती गई, लेकिन अलग-अलग पोस्टिंग के कारण कुछ समय के लिए उनकी बातचीत कम हो गई। हालांकि, कुछ समय बाद दोनों ने फिर से एक-दूसरे से संपर्क किया और उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।
पटना में हुई थी पहली डेट
आईपीएस नवजोत सिम्मी की पोस्टिंग बिहार में थी, जबकि तुषार पश्चिम बंगाल में कार्यरत थे, जिससे उनके लिए मिलना मुश्किल हो जाता था। जब उन्होंने दोबारा बातचीत शुरू की, तो पहली बार पटना में मिलने का निर्णय लिया। उनकी पहली डेट पटना के एक रेस्तरां में हुई थी, जहां दोनों ने एक-दूसरे के साथ अपना जीवन बिताने का फैसला किया।
शादी के लिए समय निकालना था चुनौती
आईएएस तुषार सिंगला और आईपीएस नवजोत सिम्मी दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में उच्च पदस्थ अधिकारी थे, जिन पर कार्यभार अधिक था। व्यस्त शेड्यूल के कारण वे शादी के लिए समय नहीं निकाल पा रहे थे, क्योंकि शादी और उसकी तैयारियों में लंबा समय लगता है। दोनों के लिए इतनी लंबी छुट्टी लेना संभव नहीं था।
अंततः, उन्होंने अचानक 14 फरवरी यानी वेलेंटाइन डे के दिन शादी करने का फैसला किया। नवजोत सिम्मी तुषार से मिलने बंगाल स्थित उनके ऑफिस पहुंचीं, जहां दोनों ने रजिस्टर्ड मैरिज कर ली। बाद में, उन्होंने एक मंदिर में पारंपरिक रूप से सात फेरे लेकर शादी की।
अब है एक प्यारा सा परिवार
शादी के बाद दोनों अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। वर्तमान में, इस जोड़े का एक प्यारा सा बेटा भी है, जिससे उनकी जिंदगी और भी खुशनुमा हो गई है। आईएएस तुषार सिंगला और आईपीएस नवजोत सिम्मी की यह कहानी न केवल प्रेम और समर्पण का उदाहरण है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे लक्ष्य और रिश्तों के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।

