Report By : ICN Network
मामले में संबंधित कर्मचारियों से रिकवरी होने के साथ ही उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा सकती है। इस संबंध में सीएसए के कुलपति डॉ. आनंद कुमार का कहना है कि पूरे मामले में विशेषज्ञों से विधिक राय ली जा रही है। हालांकि अभी इसमें और भी नाम सामने आ सकते हैं
कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में वित्तीय अनियमितताओं का मामला लगातार गहराता जा रहा है। पूर्व कुलपति डॉ. डीआर सिंह के बाद अब दो पूर्व अधिकारियों और कई कर्मचारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट में पूर्व वित्त नियंत्रक आरएन सिंह, पूर्व निदेशक प्रशासन एवं मॉनिटरिंग डॉ. करम हुसैन और तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक रामजीत पाल को वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इन अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई अनियमित फैसले लिए, जिससे सरकारी कोष को नुकसान हुआ।
शासन ने शुरू की कार्रवाई
मंडलायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन ने तत्काल कदम उठाते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूर्व वित्त नियंत्रक आरएन सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त को पत्र भेजा गया है। वहीं, सीएसए के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह को भी एक पत्र भेजा गया है, जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि पूर्व कुलपति डॉ. डीआर सिंह के खिलाफ वित्तीय भ्रष्टाचार, राजकीय कोष के अवैधानिक उपयोग, धन उगाही कर अपात्र कर्मचारियों को अनुचित लाभ देने, उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने और कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मियों को नियम विरुद्ध प्रोन्नति देने के मामले में कठोर कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई की प्रक्रिया तेज
शासन के निर्देश के बाद सीएसए कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह ने इस मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। आरोपित अधिकारियों के खिलाफ रिकवरी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, ताकि सरकारी कोष को हुए नुकसान की भरपाई हो सके। इसके अलावा, इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संभावना भी जताई जा रही है।
कई और नाम आ सकते हैं सामने
इस भ्रष्टाचार मामले में अभी और भी नाम सामने आ सकते हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन निदेशक प्रशासन एवं मॉनिटरिंग डॉ. करम हुसैन और कार्यालय अधीक्षक रामजीत पाल को भी वित्तीय अनियमितताओं में दोषी माना गया है। इनके अलावा, उन कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने पूर्व कुलपति के कार्यकाल में अनुचित लाभ प्राप्त किया था।
विधिक राय के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सीएसए कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कहा कि पूरे मामले में विशेषज्ञों से विधिक राय ली जा रही है, ताकि आगे की कार्रवाई कानूनी रूप से मजबूत हो। उन्होंने संकेत दिए कि जल्द ही दोषी कर्मचारियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और इस मामले में रिकवरी के साथ-साथ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है

