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तमिलनाडु: AIADMK गुटों ने समझौता किया, एक-दूसरे के विधायकों के विरोध निरस्तीकरण याचिकाएं वापस लीं

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May 28, 2026 #aiadmk, #jcd, #source, #tvk
Tamil Nadu: AIADMK factions reach truce, withdraw disqualification pleas against each other’s MLAs

AIADMK गुटों ने विवाद समाप्त किया, एक-दूसरे के निर्वासन याचिकाएं वापस लीं

तमिलनाडु की राजनीति में हलचल पैदा करने वाले AIADMK के दो गुटों ने बुधवार को एक-दूसरे के खिलाफ दायर विधायकों के निष्कासन याचिकाएं वापस लेकर राजनीतिक टाल-मटोल को खत्म कर दिया। यह समझौता उस विवाद के दो सप्ताह बाद आया, जिसने पार्टी के भीतर गहरी महिलाओं की स्थिति को उजागर किया।

यह दरार मई 13 को तब उभरी जब AIADMK के 25 विधायकों ने नए गठन किए गए तमिलगा वेत्त्री काजगम (TVK) के समर्थन में मतदान किया। इन 25 में से चार विधायकों – मरगथम कुमारवेल, सत्यबामा पी, जयकुमार एस और एसक्की सुबया – ने पार्टी छोड़ कर TVK में शामिल होने का फैसला किया।

दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले 22 विधायकों ने मुख्यमंत्री विजय की अधीनस्थ सरकार के खिलाफ मतदान किया था। इस तरह पार्टी के अंदर दो स्पष्ट गुट बन गए जो विरोधाभासी मत व्यक्त कर रहे थे।

बुधवार को SP वेलुमानी ने बताया कि दोनों गुटों ने विधानसभा स्पीकर के समक्ष एक-दूसरे के विधायकों के निष्कासन की मांग वाली याचिकाएं वापस ले ली हैं। स्पीकर JCD प्रभाकर ने इसकी पुष्टि की और कहा कि वे गुरुवार को इस मुद्दे पर अपना निर्णय जारी करेंगे।

वेलुमानी ने यह भी कहा कि AIADMK विधायकों के बीच कोई विभाजन या गुटबाजी नहीं है, बल्कि केवल मतभेदों का मामला था। उन्होंने पार्टी के महासचिव पलानीस्वामी से भी चुनाव हारों का आंकलन करने हेतु समिति गठित करने का आग्रह किया, जिसे पलानीस्वामी ने क्रमवार उठाने का आश्वासन दिया।

यह फैसला तमिलनाडु के राजनीतिक वातावरण में स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पार्टी के भीतर एकजुटता बनी रह सके। दोनों पक्षों के बीच यह समझौता भविष्य की रणनीतियों तथा आगामी चुनावों के लिए अहम होगा।

इस विवाद की पृष्ठभूमि में 2024 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर AIADMK के भीतर बढ़ते दबाव और अलग-अलग विचारधाराएं थीं, जो अब कमज़ोर पड़ती दिखाई दे रही हैं। पार्टी के नेताओं का मानना है कि मतभेदों को खत्म कर संगठन को मजबूत बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

हालांकि, इस मामले में विधानसभा स्पीकर के निर्णय पर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं, जो पार्टी के सदस्यता तथा विधायकों की स्थिति को स्पष्ट करेगा। फिलहाल, यह पुनर्मिलन AIADMK के लिए राजनीतिक रूप से राहत देने वाला कदम है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)