मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धनवापुर अंडरपास में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए 15 दिन का समय संबंधित विभाग को दिया है। सीएम ने जनसेवा को शासन की मूल भावना बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालयों में शिकायत लेकर आने वाला हर नागरिक सम्मान और संतोष के साथ लौटे। जनसमस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निवारण करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है। वहीं यूरिया वितरण में लापरवाही बरतने पर जटौली मंडी के पैक्स मैनेजर के खिलाफ जांच करने के आदेश भी दिए।
मुख्यमंत्री बुधवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कुल 16 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 4 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
समाधान शिविरों से मिल रहा त्वरित न्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निवारण के उद्देश्य से जिला एवं उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार और बृहस्पतिवार को नियमित रूप से समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास सीधे तौर पर प्राप्त हुईं 1 लाख 42 हजार शिकायतों में से 1 लाख 35 हजार शिकायतों का निवारण किया जा चुका है। सीएम विंडो पोर्टल पर भी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
सीवर और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी सीवर के ढक्कन टूटे हुए न हों और न ही किसी स्थान पर सीवर ओवरफ्लो की स्थिति बने। सीवर प्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग को भी निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी रास्तों के बीच में बिजली के खंभे न हों, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी या किसी प्रकार का जोखिम न हो।

