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दिल्ली: इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा

ByAnkshree

Dec 16, 2025
पुलिस ने तीन मास्टरमाइंड समेत कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग सरगनाओं की पहचान कॉल सेंटर मालिक नजर अब्बास (32), सुपरवाइजर रवि (30) और दूसरे सुपरवाइजर विक्की ठाकुर (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में 23 महिला 6 पुरुष टेलिकॉलर को भी गिरफ्तार किया है।

उत्तरी जिला की सराय रोहिल्ला थाना पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। निवेश के नाम पर ठगी करने के अलावा बंद हुई इंश्योरेंस पॉलिसी, नई इंश्योरेंस पॉलिसी पर बढि़या स्कीम, एजेंट का कमीशन वापस करने जैसे लुभावने ऑफर देकर देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। 

पुलिस ने तीन मास्टरमाइंड समेत कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग सरगनाओं की पहचान कॉल सेंटर मालिक नजर अब्बास (32), सुपरवाइजर रवि (30) और दूसरे सुपरवाइजर विक्की ठाकुर (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में 23 महिला 6 पुरुष टेलिकॉलर को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 45 मोबाइल, एक लैपटॉप, 3.50 लाख नकद व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपी फर्जी पतों के आधार पर सिमकार्ड व म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे थे। आरोपी अलग-अलग सोर्स के जरिए ग्राहकों का डाटा जुटाकर उनको कॉल करते थे। एक बार उनको जाल में फंसाने के बाद उनसे ठगी कर ली जाती थी।  

उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि 9 दिसंबर को सराय रोहिल्ला थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि शास्त्री नगर इलाके में इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का कॉल सेंटर चल रहा है। जानकारी जुटाने के बाद छापेमारी कर वहां से सभी 32 आरोपियों को दबोचा गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी नजर अब्बास फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। रवि व विक्की इनके यहां सुपरवाइजर हैं। इन लोगों की गिरफ्तारी से पांच शिकायतों का खुलासा हुआ है।

देशभर में वाहन चोरी करने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार
नई दिल्ली। अपराध शाखा ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना शाहदरा निवासी आलोक श्रीवास्तव (56) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को पुलिस ने भटनागर कॉलोनी, लखीमपुर खीरी, यूपी में दबिश देकर दबोचा। गिरोह देशभर में वाहन चोरी करता था। 

गिरोह में शामिल बदमाश फ्लाइट से एक जगह से दूसरी जगह जाते थे। पकड़ा गया आरोपी आलोक देशभर में कार चोरी के कई मामलों से जुड़ा है। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा के अनुसार आरोपी आलोक को रोहिणी कोर्ट ने 17 मई, 2023 को भगोड़ा घोषित किया था। आरोपी अपने सूत्रों से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त दुर्घटनाग्रस्त कारों के दस्तावेज हासिल करता था और उसी मेक की चोरी की गई कार पर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त/दुर्घटनाग्रस्त कारों के विवरण में हेरफेर करता था। इसके बाद पूरी तरह से कार के दस्तावेजों के आधार पर वह चोरी की कार को खुले बाजार में अच्छी कीमतों पर बेचता था। उपायुक्त ने बताया कि आरोपी अभय सिंह और आलोक श्रीवास्तव ने मोहम्मद अशरफ व रिजवान से एक चोरी की फॉर्च्यूनर कार खरीदी थी। 

ग्राहक की मांग के अनुसार करते थे चोरी  
यह गैंग बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से काम करता है। ग्राहक की मांग के अनुसार आरोपी अभय सिंह और आलोक श्रीवास्तव आरोपी मोहम्मद अशरफ और रिजवान को खरीदार द्वारा मांगी गई खास गाड़ी चुराने के निर्देश देते थे। इसके बाद उस खास गाड़ी की पहचान की जाती थी और आरोपी रिजवान उसे चुराकर आरोपी अशरफ को सौंप देता था। आरोपी अशरफ जाली आरसी, बीमा और अन्य कागजात तैयार करता था। 

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )