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दिल्ली: डीडीएमए की बैठक का सबसे महत्वपूर्ण संदेश

आपदा के समय दिल्ली की एजेंसियों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर अब किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने यह स्पष्ट संदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में सभी विभाग पूरी तालमेल के साथ काम करेंगे और जिम्मेदारी को लेकर कोई भ्रम या टालमटोल नहीं रहेगा।

इसे राजधानी के आपदा प्रबंधन तंत्र में बड़े प्रशासनिक फेरबदल का संकेत माना जा रहा है। इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्रियों, मुख्य सचिव और संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। एलजी ने जलभराव वाले चिन्हित स्थलों पर तत्काल क्षमता बढ़ाने, एसडीआरएफ को और मजबूत करने, मोबाइल हैवी ड्यूटी पंप हर समय तैयार रखने व दिल्ली, यमुना और बाढ़ प्रबंधन को लेकर एनसीआर के पड़ोसी राज्यों के साथ भी बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं।जवाबदेही तय करने की तैयारीबैठक का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि बारिश और बाढ़ जैसी आपात स्थिति में किसी विभाग को अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने की छूट नहीं दी जाएगी। दिल्ली में हर मानसून के दौरान एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, डीएसआईआईडीसी, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। एलजी ने सभी विभागों को एकीकृत कमान के तहत समन्वय के साथ काम करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )