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नोएडा: प्राधिकरण में किसानों के 5% विकसित भूखंड आवंटन को लेकर चल रहा विवाद अब तूल पकड़ चुका


नोएडा प्राधिकरण में किसानों के 5% विकसित भूखंड आवंटन को लेकर चल रहा विवाद अब तूल पकड़ चुका है। हाल ही में सोशल मीडिया पर अधिकारियों द्वारा प्लॉट आवंटन के एवज में रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद आक्रोशित किसानों ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध-प्रदर्शन किया। इस मुद्दे को मीडिया में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद आखिरकार शासन ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है और प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों से जवाब-तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
इस पूरे विवाद में नियोजन विभाग (Planning Department) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच में सामने आया है कि:
मनपसंद लोकेशन का खेल: करीब 10 से 12 प्रभावशाली और रसूखदार लोगों को ग्रीन बेल्ट, पार्क के सामने और कॉर्नर के बेशकीमती प्लॉट आवंटित करने की तैयारी थी।
नियमों की अनदेखी: इन वीआईपी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए 24 मीटर चौड़ी सड़क पर प्लॉट दिए जा रहे थे।
आम किसानों से धोखाधड़ी: ‘मानचित्र संशोधन’ (Map Revision) के बहाने आम किसानों के प्लॉटों को 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क से हटाकर जानबूझकर खराब लोकेशन पर शिफ्ट कर दिया गया।
महाप्रबंधक को नोटिस, कार्रवाई शुरू
लेटेस्ट अपडेट: शासन के सख्त रुख के बाद अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सतीश पाल ने महाप्रबंधक नियोजन (GM Planning) मीना भार्गव को आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है। हालांकि, मीना भार्गव ने इस तरह के किसी भी नोटिस मिलने से साफ इनकार किया है, लेकिन दस्तावेज़ी प्रमाणों के अनुसार 2 जून को ही पत्र संख्या 366 के तहत यह नोटिस जारी किया जा चुका है।
नोटिस में सीधे तौर पर कहा गया है कि सेक्टर-146 में किसानों के 5% विकसित भूखंडों के आवंटन में जानबूझकर देरी की जा रही है और लापरवाही बरती जा रही है।
30 जून तक का अल्टीमेटम
इस धांधली और विवाद के बीच नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए 30 जून तक का समय तय किया है। सीईओ के निर्देशानुसार, अब सभी पात्र किसानों को किसी भी तरह के भेदभाव के बिना, पूरी पारदर्शिता के साथ ‘लकी ड्रा’ के जरिए ही भूखंडों का आवंटन किया जाएगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )