मुख्यमंत्री ने बताया कि सावदा घेवरा ईडब्ल्यूएस आवासीय कॉलोनी लगभग 37.81 एकड़ भूमि में विकसित की गई है। यहां 2012 से 2020 तक कुल 7,620 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनमें से 6,476 आवास अभी रिक्त हैं। लेकिन पूर्व सरकारों ने इस कॉलोनी में गरीबों को बसाने में रुचि नहीं दिखाई, जिस कारण अधिकतर फ्लैटों को मरम्मत की जरूरत है। कॉलोनी में 100 प्रतिशत सीवरेज नेटवर्क उपलब्ध है। अब दिल्ली सरकार ने यहां गरीबों को बसाने की तैयारी शुरू कर दी है। उसके लिए यहां बुनियादी सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि गरीब परिवारों को ऐसी कॉलोनियों में बसाया जाए, जहां उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल आपूर्ति, हरित क्षेत्र और आजीविका से जुड़ी सभी बुनियादी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हों। पार्क, जल प्रबंधन व अन्य सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सावदा घेवरा में हरित क्षेत्रों और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए 39 आवासीय पार्क विकसित किए गए हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 22 हजार वर्ग मीटर से अधिक है। इसके साथ ही दो भूमिगत जल टैंक, बूस्टर स्टेशन और ओवरहेड वाटर टैंक की व्यवस्था की गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चार ढलाव बनाए गए हैं, जिनमें कचरा पृथक्करण की सुविधा भी शामिल है। कॉलोनी में कई अहम सुविधाएं अभी निर्माणाधीन अवस्था में हैं। यहां दो प्राथमिक विद्यालयों में से एक का निर्माण पूरा हुआ है। इसी तरह एक डिस्पेंसरी या अस्पताल प्रस्तावित है। स्थानीय व्यापार और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं जैसे लोकल शॉपिंग सेंटर, सर्विस मार्केट, मिल्क बूथ और थ्री-व्हीलर व टैक्सी स्टैंड जैसी सुविधाएं विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है।

