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दिल्ली: बच्चों की मौत से जुड़े मामलों में मुआवजा तय करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को लागू किया गया

द्वारका में ई-रिक्शा की टक्कर से तीन वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने उसके माता-पिता को 14.10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। बच्चों की मौत से जुड़े मामलों में मुआवजा तय करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को लागू किया गया है।पीठासीन अधिकारी सुदीप राज सैनी ने बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 28 जनवरी 2019 से 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज सहित राशि देने का निर्देश दिया, साथ ही बीमा कंपनी को चालक और मालिक से यह रकम वसूलने की अनुमति दी, क्योंकि हादसे के समय चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।

ट्रिब्यूनल ने निर्भरता की क्षति के लिए 12.77 लाख रुपये, माता-पिता के कंसोर्टियम के लिए 96 हजार रुपये और अंतिम संस्कार और संपत्ति के नुकसान के लिए 18 हजार रुपये मंजूर किए। इस तरह कुल मुआवजा 14.10 लाख रुपये तय किया गया। सुनवाई के दौरान चालक ने स्वयं स्वीकार किया कि हादसे के समय उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। ट्रिब्यूनल ने इसे बीमा पॉलिसी की शर्तों का गंभीर उल्लंघन माना।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )