मेरठ के गांव सफियाबाद के रहने वाले कमरयाब (50) के साथ लाखों की धोखाधड़ी हुई। ठगे गए पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने कमरयाब को वाहन चोरी करने के लिए यह कहकर राजी कर लिया इसमें मोटी कमाई होती है। आर्थिक स्थिति से परेशान कमरयाब ने वाहन चोरी का मन बनाकर काम शुरू कर दिया। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में कई गाड़ियां चोरी कीं। इन कारों को वह यूपी के सहारनपुर, संभल, मेरठ और राजस्थान के जोधपुर में ठिकाने लगा। कई बार वह जेल भी गया। आरोपी शाहदरा इलाके में वाहन चोरी करने आया तो एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड ने आरोपी को दबोच लिया। आरोपी कमरयाब पहले भी वाहन चोरी और हत्या के प्रयास के आठ मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चार लग्जारी गाड़ियां भी बरामद की हैं। पुलिस इसके दो साथी माजिद और ताजू की तलाश कर रही है। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
शाहदरा जिला के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि जिले की एएटीएस की टीम लगातार वाहन चोरों पर नजर रख रही थी। इस बीच 13 दिसंबर को उनकी टीम को खबर मिली कि आरोपी कमरयाब जीटीबी एंक्लेव इलाके में आने वाले है। पुलिस ने मौके पर जाल बिछा दिया। इस बीच आरोपी मौके पर चोरी की एक कार में पहुंचा। उसको दबोच लिया गया। आरोपी ने बताया कि वह गांव सफियाबाद-लोटी, मुंडाली, मेरठ का रहने वाला है। इसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। कमरयाब ने बताया कि वह आरोपी ने माजिद और ताजू के साथ मिलकर वाहन चुराता था। पुलिस कमरयाब से पूछताछ कर से पूछताछ कर उसके बाकी साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। मेरठ व बुलंदशकर में छापेमारी की जा ही है।
ठगी का शिकार आरोपी संग मिलकर दिल्ली-एनसीआर में चुराने लगा गाड़ी

