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बजट 2026: बजट में तीन ऐसे बड़े बदलाव का एलान किया 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। बजट में तीन ऐसे बड़े बदलाव का एलान किया है, जिससे देश की आर्थिक तस्‍वीर बदल जाएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट 2026-27 पेश करते हुए भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को विकसित भारत की महत्वाकांक्षा के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए बड़े सुधारों का एलान किया है। सबसे प्रमुख फैसला बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की गई है।

विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति बैंकिंग सेक्टर की व्यापक समीक्षा करेगा और विकसित भारत के लक्ष्यों के मुताबिक किस तरह से मौजूदा स्वरूप में बदलाव किया जाए, इस पर सुझाव देगा। संकेत है कि यह सरकारी बैंकिंग सेक्टर में एक बार और विलय का रास्ता सरकार चुनेगी और देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीन-चार बेहद विशालकाय बैंक का गठन करेगी।

देश में सरकारी बैंक की संख्या कितनी है?

इसके पहले भी वर्ष 2019-2020 में 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मिलाकर चार बड़े बैंकों में बदला गया। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कुल संख्या 27 से घटकर 12 रह गई।

निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?

वित्त मंत्री ने कहा कि आज भारतीय बैंकिंग क्षेत्र मजबूत बैलेंस शीट, लाभप्रदता में ऐतिहासिक उच्च स्तर, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और देश के 98 फीसद से अधिक गांवों में कवरेज की विशेषता हासिल कर चुका है। हम इस समय सुधार-आधारित विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए इस सेक्टर में भविष्य के मुताबिक समीक्षा करने की बेहतर स्थिति में हैं।

पीएफसी और आरईसी का होगा पुनर्गठन

इसके साथ ही उन्होंने गैर बैंकिंग वित्तीय सेक्टर (एनबीएफसी) को देश के वित्तीय सेक्टर की मजबूत के लिए जरूरी बताते हुए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) जैसे सरकारी क्षेत्र के एनबीएफसी के पुनर्गठन की घोषणा की है ताकि इनका आकार और बढ़ाया जाए व उनकी दक्षता सुधरे।

वित्तीय क्षेत्र में सुधार के साथ ही वित्त मंत्री ने घोषणा की है, ‘विदेशी विनिमयन प्रबंधन (गैर-ऋण प्रपत्रों) से संबंधित नियमों की समीक्षा की जाएगी और इसे ज्यादा निवेशकों के हितों के अनुकूल बनाया जाएगा। ताकि उन्हें देश की बदलती प्राथमिकताओं के मुताबिक बनाया जा सके।’

इस कदम से बैंक बड़े, तकनीकी रूप से मजबूत और अधिक प्रतिस्पर्धी बने, जो अब विकसित भारत के लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम हैं।

शेयर बाजार में विदेशी नागरिकों के निवेश की सीमा बढ़ाई

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली।  सरकार ने बजट के जरिए विदेश में रहने वाले व्यक्तियों (पीआरओआई-पर्संस रेसिडेंट आउटसाइड इंडिया) के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश के नियम आसान और ज्यादा उदार किए हैं। इसके तहत उक्त श्रेणी के विदेशी व्यक्ति भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के इक्विटी शेयर (शेयर) में निवेश कर सकते हैं।


मौजूदा नियमों के मुताबिक, इस श्रेणी का व्यक्त किसी एक कंपनी में अधिकतम 5 फीसद तक ही निवेश कर सकता था और इस श्रेणी के तहत कुल निवेश की सीमा 10 फीसद थी लेकिन अब एक व्यक्ति 10 फीसद तक निवेश कर सकता है जबकि सभी ऐसे व्यक्तियों की कुल मिलाकर सीमा बढ़ाकर 24 फीसद कर दी गई है।

इससे ज्यादा पैसा भारत आ सकता है, शेयर बाजार में तरलता बढ़ेगी, और कंपनियों को ज्यादा फंड मिलेगा। यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार को और ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए है, ताकि लंबे समय के निवेशक ज्यादा हिस्सेदारी ले सकें।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )