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यूपी: SIR में दावा व आपत्तियों का समय एक माह बढ़ा, मतदाताओं को बड़ी राहत

भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत दावे व आपत्तियों का समय एक माह बढ़ा दिया है।

शुक्रवार छह फरवरी को इसकी अंतिम तिथि थी, अब छह मार्च तक दावे व आपत्तियों के आवेदन जमा होंगे। सुनवाई के लिए भी तिथि एक माह बढ़ा दी गई है। पहले 27 फरवरी तक सुनवाई की अंतिम तिथि थी, इसे भी बढ़ाकर 27 मार्च कर दिया गया है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन छह मार्च के बजाय अब 10 अप्रैल को होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रदेश में एसआइआर की प्रक्रिया 27 अक्टूबर से चल रही है। घर-घर गणना प्रपत्र बांटने व जमा करने का कार्य चार नवंबर से आरंभ हुआ था। इसे पहले एक सप्ताह फिर 15 दिन और बढ़ाया गया था। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन छह जनवरी को हुआ था। छह जनवरी से ही दावे व आपत्तियां लिए जा रहे हैं।

यह दूसरी बार है जब आयोग ने अंतिम सूची की समय-सीमा को आगे बढ़ाया है। राज्य निर्वाचन आयोग के सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि मतदाताओं को पूरी पारदर्शिता और न्याय देने के लिए यह फैसला लिया गया है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।

उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को राजनीतिक दलों के साथ बैठक में सभी ने समय बढ़ाने की मांग की थी। इसी आधार पर एक महीना दावे-आपत्तियों के लिए समय बढ़ाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा था। इसे आयोग ने स्वीकार कर लिया है। अब छह मार्च तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, कटवाने व सही कराने के लिए फार्म भरे जा सकेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि नाम काटने के लिए फार्म-7 भरा जाता है। एक साथ कई फार्म-7 स्वीकार नहीं किये जाते हैं। बूथ लेवल एजेंट भी एक दिन में अधिकतम 10 फार्म-7 जमा कर सकते हैं। चार फरवरी तक फार्म 7 में नाम काटने की 82,684 आपत्तियां आईं हैं। फार्म-6 से नाम जुड़वाने के लिए 37.80 लाख आवेदन आए हैं, विदेश में रह रहे भारतीयों के एक हजार फार्म मिले हैं।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )