दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर पर पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) (ग्रैप) का स्टेज-4 लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही नोएडा परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। विभाग के अधिकारी फिलहाल करीब 1.25 लाख प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों पर नजर रखे हुए हैं। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी वाहन तय नियमों का उल्लंघन न करे।
दिसंबर से अब तक 232 वाहनों पर जुर्माना
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 दिसंबर से लेकर सोमवार तक ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन करने वाले 232 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इन वाहनों को प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर चलने पर पकड़ा गया। जिसके बाद चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की गई।
BS-6 से नीचे के वाहनों पर पूरी तरह रोक
ग्रैप-4 के तहत, जो पिछले शनिवार से लागू हुआ, BS-6 मानक से नीचे आने वाले सभी प्रकार के वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें BS-4 श्रेणी के भारी मालवाहक वाहन भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम प्रदूषण को तत्काल नियंत्रित करने के लिए जरूरी है, क्योंकि ऐसे वाहन हवा में सबसे ज्यादा हानिकारक उत्सर्जन करते हैं।
जरूरी सेवाओं को मिली सीमित छूट
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में BS-6 श्रेणी के सभी वाहन पूरी तरह प्रतिबंध से मुक्त हैं। इसके अलावा, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुसार, निचली श्रेणी के वे वाहन जो केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं में लगे हैं, उन्हें सीमित संचालन की अनुमति दी गई है। हालांकि, ऐसे वाहनों की भी सख्ती से निगरानी की जा रही है।

