Report By : ICN Network (Uttarakhand News)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज यानी मंगलवार को विधानसभा सदन में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पेश कर दिया है। बिल पर चर्चा की मांग को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा किया गया। जिसे देखते हुए सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
बता दें उत्तराखंड विधानसभा में यूसीसी विधेयक पास होने के बाद कानून बन जाएगा। साथ ही उत्तराखंड देश में यूसीसी लागू करने वाला आजादी के बाद का पहला राज्य होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मसौदे में 400 से अधिक धाराएं शामिल हैं, जिसका लक्ष्य पारंपरिक रीति-रिवाजों से उत्पन्न होने वाली विसंगतियों को खत्म करना है।
भाजपा विधायक क्या बोले…
आपको बता दें कि उत्तराखंड विधानसभा में पेश हुए UCC बिल पर उत्तराखंड भाजपा विधायक शिव अरोड़ा ने कहा कि यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। UCC से बड़ी खुशी क्या हो सकती है? यह लोगों को समान अधिकार देता है। मुख्यमंत्री धामी ने आज इसकी शुरुआत की है।
बताते चले कि बिल पेश होने से पहले सीएम धामी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि लंबे समय से इस बिल इसकी प्रतीक्षा थी।
UCC बिल में क्या-क्या है?
बिल में विवाह पर सभी धर्मों में एक समान व्यवस्था होगी.
बहुविवाह पर रोक का प्रस्ताव रखा गया है.
बहुविवाह को मंजूरी नहीं दी जाएगी.
सभी धर्म के लोगों को शादी का पंजीकरण कराना होगा.
लड़कियों के लिए शादी की उम्र 18 साल
लड़कों के लिए शादी की उम्र 21 साल
सभी धर्म के लोगों में बच्चों को गोद लेने का अधिकार की वकालत की गई है.
मुसलमानों में होने वाले इद्दत और हलाला पर रोक लगे.
लिव-इन रिलेशनशिप रहने पर इसकी जानकारी अपने माता-पिता को देनी जरूरी होगी.
सभी धर्मों में तलाक को लेकर एक समान कानून और व्यवस्था हो.
पर्सनल लॉ के तहत तलाक देने पर रोक लगाई जाए.
बेटी को विरासत में बराबरी का हक.

