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UK-अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के बैनर तले,छात्राओं को संविधान का पढ़ाया पाठ

उधम सिंह नगर में अजीम प्रेम जी फाउंडेशन ग्रुप के सदस्यों ने आज जनपद के काशीपुर स्थित चन्द्रावती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संविधान दिवस के उपलक्ष्य पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका विषय “संवैधानिक मूल्यों का सन्दर्भ-शिक्षा एवं समाज यूथ के साथ काम क्यों और कैसे ?” रहा। जिसमें अजीम प्रेम जी फाउंडेशन ग्रुप के सदस्यों ने छात्राओं को पोस्टर के माध्यम से संविधान बनने की यात्रा, संविधान बनाने के पीछे की मंशा और संविधान बनाने में दिये गये योगदान की जानकारी दी गई।

इस दौरान फाउंडेशन ग्रुप के सदस्यो ने बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं को लैंगिक, जातिगत एवं धार्मिक भेदभाव और संविधान से सम्बन्धित पूछे गए प्रश्नोत्तर का जबाव देते हुए पढ़ाई के पश्चात जिंदगी जीने के हुनर से जुड़े टिप्स भी दिए तथा संविधान से सम्बन्घित समाज में फैली विभिन्न भ्रान्तियों की जानकारी भी दी।

इस अवसर पर उक्त एक दिवसीय कार्यशाला में अजीम प्रेम जी फाउंडेशन ग्रुप के सदस्यों के साथ साथ महाविद्यालय प्राचार्या डॉ0 कीर्ति पन्त, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ0 दीपिका गुड़िया आत्रेय, डॉ0 मन्जु सिंह, डॉ0 वन्दना सिंह, असि0 प्रोफेसर डॉ0 गीता मेहरा, डॉ0 अंजलि गोस्वामी, डॉ0 रंजना, डॉ0 ज्योति गोयल, डॉ0 ज्योति रावत, डॉ0 मंगला, डॉ0 पुष्पा धामा, डॉ0 मीनाक्षी पन्त, शीतल अरोरा, प्राची धौलाखण्डी, चंचल कुमार आदि उपस्थित रहे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}