उमर खालिद को दिल्ली उच्च न्यायालय ने तीन दिन की अंतरिम जमानत दी
दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 जून को अपनी मां की सर्जरी के लिए उमर खालिद को तीन दिन की अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया है। यह फैसला 2020 दिल्ली दंगों के साजिश मामले में सुनाया गया।
न्यायमूर्ति प्रतिमा सिंह और मधु जैन की डिवीजन बेंच ने उमर खालिद को 1 जून से 3 जून तक रिहा करने का निर्देश दिया। पूर्व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके खालिद ने 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वे अपने चाचा की मृत्यु पर मनाए जाने वाले चहलुम के समारोह में शामिल हो सकें और मां की देखभाल कर सकें। हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को उनकी यह याचिका खारिज कर दी थी।
खालिद के वकील त्रिदीप पाइस ने हाई कोर्ट को बताया कि खालिद को दिसंबर में भी अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत मिली थी। इसके अलावा, 2022 और 2024 में भी उन्हें कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी।
दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि खालिद की मां को केवल मामूली सर्जरी करानी है, जिसकी देखभाल उनकी बहनें कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खालिद अपनी मां से मिलने के लिए एक दिन के अंदर पुलिस सुरक्षा के साथ जा सकते हैं और लौट सकते हैं।
हालांकि, हाई कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उमर खालिद को अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया। न्यायालय ने इस फैसले में मानवीय परिस्थिति को प्राथमिकता दी।