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UP BREAKING : मेरठ में दिनदहाड़े मेडिकल स्टोर पर जा रही किशोरी की गोली मार हत्या, छेड़खानी का किया था विरोध

ByIcndesk

Jan 22, 2024

Report By : Himanshu Garg (Meerut UP)

यूपी के मेरठ जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और गणतंत्र दिवस के हाई अलर्ट के बीच किशोरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, किशोरी घर से दवा दुकान पर दवा लेने जा रही थी। इसी बीच लड़के ने उसके साथ छेड़खानी की। वहीं जब लड़की ने इसका विरोध किया तो दबंग ने तमंचा निकालकर फायर कर दिया। जिससे किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई।

फिलहाल परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर हंगामा करना शुरु कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। ये पूरा मामला फलावदा थाना क्षेत्र का है।

बीच रास्ते में हुई मौत
दरअसल, मोहल्ला शहीद भगत सिंह की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी, घर से दवा लेने के लिए निकली। इसी दौरान पड़ोसी युवक फरहान पुत्र उस्मान ने रास्ते में किशोरी के साथ छेड़छाड़ की। किशोरी ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने तमंचा निकालकर किशोरी पर तान दिया। जब किशोरी नहीं मानी तो आरोपी ने गोली मार दी। किशोरी रास्ते में ही मौत हो गई। लोगों ने जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनी तो हड़कंप मच गया। किशोरी खून से लथपथ पड़ी थी। घटना की सूचना तत्काल ही परिजनों को दी गई। किशोरी के परिवार वाले मौके पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा शुरू करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया है। लेकिन ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव को नहीं उठने दे रहे हैं।

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}