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UP- सहारनपुर से रामपुर पहुंची कांग्रेस की यूपी जोड़ो यात्रा,सैकड़ो कॉंग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा में लिया भाग

यूपी के रामपुर में देश के संविधान और लोकतन्त्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकीकांग्रेस के साथ लोग जुड़ रहें हैं पूर्व सांसद बेगम नूरबानोरामपुर कांग्रेस की यूपी जोड़ों यात्रा अपने नौवें दिन रामपुर में महात्मा गांधी समाधि पहुंची जहां पर रामपुर की पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने उनका स्वागत किया, बाद में सभी कांग्रेस नेताओं ने गांधी समाधि पहुंचकर पुष्प अर्पित कर यात्रा की शुरुआत की। यात्रा में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश सरकार में कई बार मन्त्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी और यूपी के संगठन महामंत्री अनिल यादव ने यात्रा का नेतृत्व किया ।

यात्रा गांधी समाधि से शुरू होकर डाकघर,राजद्वारा,खुर्मो वाली ज़ियारत,कुण्डा चौराहा,अखाड़ा सोहराब खां,हाथी खाना चौराहा,शाहबाद गेट और सिविल लाईन होते हुए अम्बेडकर पार्क पर समाप्त हुई , यात्रा जेसे जेसे आगे बढ़ती रही कांग्रेसयों का उत्साह वेसे वेसे बढ़ता गया जगह जगह फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। स्वागत में कहीं टोपी कहीं शाल उड़ाकर नेताओं का स्वागत किया गया । यात्रा का समापन अम्बेडकर पार्क पर डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर जी कि प्रतिमा का माल्यापर्ण कर हुआ कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा यह यात्रा गरीब मज़लूमो के अधिकारो कि लड़ाई कि यात्रा है देश में लोकतन्त्र बचाने कि यात्रा है शोषित वंचितों एवं अतिपिछड़ों को उनका हक दिलाने कि यात्रा है नफरत के खिलाफ एकजुटता कि यात्रा है भाजपा सरकार में नफरत कि आधी चल रही है जनता महंगाई से त्रस्त है और भाजपा के नेता और मन्त्री जुमलेबाजी में व्यस्थ है लेकिन राहुल गांधी ने देश में मोहब्बत का पेगाम फेलाया है जिसका मकसद केवल देश का विकास है यात्रा में मुख्य रूप से प्रदेश संगठन महामंत्री अनिल ने कहा कि कांग्रेस का एक ही लक्ष्य देश का विकास है कांग्रेस ने देश को नई ऊर्जा प्रदान कि थी कांग्रेस ने ही देश को आत्मनिर्भर बनाया देश ने सुई से लेकर हवाई जहाज का सफर कांग्रेस के शासन में तय किया यह यात्रा एकता सदभाव और मोहब्बत का पेगाम लेकर सहारनपुर से चली है हम जनता के मुद्दों को उठाने निकले है जनता में सरकार के प्रति आक्रोश है जनता बदलाओ चाहती है कांग्रेस की पूर्व सांसद बेगम नूरबानो साहिबा ने कहा लोगों के पास केवल कांग्रेस पार्टी ही विकल्प के रूप में है जो देश की जनता का।भला कर सकती है लोग बड़ी तेजी के साथ कांग्रेस पर भरोसा करके आगे आ रहे हैं हमें पूरा भरोसा है देश में बदलाव कांग्रेस करेगी।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“‘मेरे सवालों पर कथा साहित्य का प्रभाव पड़ा’: कार्लो गिंज़बर्ग (1939-2026), माइक्रोहिस्ट्री के प्रणेता”],”content_results”:[“कार्लो गिंज़बर्ग: माइक्रोहिस्टोरी के क्षेत्र के प्रणेता का निधनइतालवी इतिहासकार कार्लो गिंज़बर्ग, जिन्हें माइक्रोहिस्टोरी के संस्थापकों में से एक माना जाता है, का 17 जून 2026 को निधन हो गया। उनकी उम्र 87 वर्ष थी। गिंज़बर्ग ने इतालवी पुनर्जागरण से लेकर प्रारंभिक आधुनिक यूरोपीय इतिहास तक विभिन्न विषयों में अपना योगदान दिया। उनकी गहन शोध प्रणाली और दृष्टिकोण ने इतिहास लेखन में क्रांतिकारी बदलाव लाए।गिंज़बर्ग की प्रमुख रचनाओं में The Cheese and the Worms: The Cosmos of a Sixteenth Century Miller, The Night Battles, तथा Ecstasies: Deciphering the Witches’ Sabbath शामिल हैं। इन कार्यों ने न केवल इतिहास को नये आयाम दिए, बल्कि कला इतिहास, साहित्य अध्ययन और इतिहासलेखन के सिद्धांतों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।उन्होंने 2010 में बाल्ज़न पुरस्कार प्राप्त किया और 2013 में अमेरिकी फिलॉसफिकल सोसाइटी के अंतरराष्ट्रीय सदस्य के रूप में चुने गए।2019 में कोलकाता में भारतीय प्रकाशक नवीन किशोर के साथ बातचीत के दौरान, गिंज़बर्ग ने अपनी पेशेवर यात्रा, यहूदी धर्म के प्रति अपने “बनने” की प्रक्रिया, विराम चिह्नों के प्रति जुनून और अपनी रचनात्मक सोच पर कथा साहित्य के गहरे प्रभाव के बारे में चर्चा की।उन्होंने कहा, “ऐसे संवाद आमतौर पर बीच में शुरू होते हैं, जिसमें पहले की बातचीत का अनुभव और आगे की चर्चा की उम्मीद जुड़ी होती है। इसलिए मैं सीधे अपने विषय में उतर जाता हूँ।” उनके अनुसार, “एक ऐसे जीवंत परिदृश्य में प्रवेश करना जो पहले किसी ने नहीं देखा, अत्यंत रोमांचकारी होता है। सबसे पहले अपनी जड़ों की खोज करना, फिर इतिहास के जीवन के संकेतों को समझना, और अंततः इतिहासकार बनना एक गहन अनुभव है।”कार्लो गिंज़बर्ग ने माइक्रोहिस्टोरी को एक नई दिशा दी और इतिहास को अधिक मानवीय, सूक्ष्म एवं व्यावहारिक संदर्भों में समझने की विधि पेश की। उनके विचार और शोध आज भी इतिहासकारों एवं विद्वानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।”]}