यूपी के मेरठ में वन विभाग द्वारा जमीन पर कब्जा किए जाने से आक्रोशित हस्तिनापुर निवासी किसान ने शुक्रवार को मवाना तहसील में पहुंचकर अधिकारियों के सामने खुद को आग लगा ली। घटना के चलते तहसील में हड़कंप मच गया। बुरी तरह से झुलसे हुए किसान को मेरठ के लिए रेफर किया गया है।जानकारी के मुताबिक हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के अलीपुर मोरना गांव का रहने वाला जगबीर पुत्र धनपाल खेती बाड़ी करता है।
जगबीर का आरोप है कि जिस जमीन पर उसका परिवार पिछले 80 सालों से खेती कर रहा है। उस जमीन पर अपनी दावेदारी जताते हुए ब्रहस्पतिवार को वन विभाग के अधिकारियों ने खेत में खड़ी गेहूं की फसल जोत डाली। सदमे में आया किसान जगबीर शुक्रवार की सुबह पेट्रोल की बोतल लेकर मवाना तहसील पहुंच गया। बताया जाता है उस समय एसडीएम मवाना अखिलेश यादव सीओ मवाना के साथ बैठकर जन समस्याएं सुन रहे थे। जहां किसान ने अपना शिकायती पत्र अधिकारियों को सौंपते हुए जोती हुई फसल की एवज में 50 हजार का मुआवजा मांगते हुए अपनी जमीन वन विभाग के अधिकारियों से कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग उठाई। अभी अधिकारी जगबीर की बात सुन ही रहे थे कि जगबीर ने अचानक अपने कपड़ों में छुपाई पेट्रोल की बोतल अपने ऊपर उड़ेल ली। इसके पहले कोई कुछ समझ पाता जगबीर ने खुद को आग लगा ली। घटना के चलते तहसील में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने किसी तरह कंबल आदि डालकर आग की लपटों में घिरे जगबीर को बचाया। इसके बाद उसे आनन-फानन में सीएचसी ले जाया गया। जहां उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया गया है।