उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत गौतमबुद्धनगर जिले के आबकारी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिले में शराब की दुकानों पर तय कीमत से अधिक दाम वसूलने के मामले में अधिकारी को दोषी पाया गया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ जेवर, दादरी, दनकौर, बिलासपुर और रबूपुरा में ओवर-रेटिंग की लगातार शिकायतें सामने आई थीं।
सूत्रों के अनुसार, अधिकतर शराब ठेकों पर ग्राहकों से 10 से 15 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे थे। यह पूरा मामला आबकारी अधिकारी की कथित मिलीभगत से चल रहा था।
गौतमबुद्धनगर जिले में देशी शराब की 234 दुकानें, अंग्रेजी शराब व बीयर की 239 मॉडल शॉप, 27 मॉडल शॉप और 44 प्रीमियम शॉप संचालित हैं। करीब एक साल पहले भी जिले में शराब की दुकानों पर तय रेट से अधिक कीमत पर बिक्री को लेकर शिकायतें हुई थीं।
मामले की शिकायत मिलने के बाद आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच में दोषी पाए जाने पर जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को निलंबित कर दिया गया। इससे सरकार ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सूत्रों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी शराब निर्धारित कीमत से 10–15 रुपये महंगी बेची जा रही थी, जबकि नववर्ष, होली और अन्य खास मौकों पर कुछ संचालक इससे कहीं ज्यादा ओवर-रेटिंग करते थे। सरकार की इस कार्रवाई को आबकारी विभाग में बड़ी सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।